आमतौर पर हेल्दी नाखून गुलाबी दिखते हैं और टिप्स के पास कर्व होता है। लेकिन जब नाखूनों का रंग, टेक्सचर या शेप में बदलाव होने लगता है। तो यह आपके शरीर में न्यूट्रिशन की कमी बताता है। इन्फेक्शन और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ अन्य समस्याओं के शुरू होने पर नाखूनों पर भी असर पड़ता है। क्योंकि सही डाइट और विटामिन्स ना लेने पर भी नाखून सूखने और टूटने लगते हैं। नाखूनों की सेहत पर उम्र, मौसम, प्रेग्नेंसी, हाथ और पैरों की केयर भी असर डालती है।
जैसे नाखूनों की सेहत से आपकी सेहत का पता चलता है, वैसे ही हमारे मसूड़ों का स्वस्थ होना जरूरी होता है। हांलाकि मसूड़ों के बारे में चर्चा कम की जाती है। यही कारण है कि बहुत कम लोगों को हेल्दी गम्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि मसूड़ों और नाखूनों का रंग हमारी सेहत के बारे में क्या कहता है। आप इनको पहचानकर पता लगा सकते हैं आप कितने स्वस्थ हैं।
विटामिन की कमी का संकेत होना
अगर आपके नाखूनों का शेप अजीब है और हर नाखून एक-दूसरे से अलग दिख रहा है। नाखूनों को कर्विंग अपोजिट डायरेक्शन में है। तो आपके शरीर में क्रॉनिक आयरन की कमी हो सकती है। वहीं नाखून टिप्स के पास से मुड़ा है तो आपको सांस से जुड़ी या फिर दिल से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है। वहीं नाखून जड़ से ऊपर उठे हुए हैं और शेप नॉर्मल से अलग दिख रहा है, तो यह सांस की बीमारी का भी संकेत होता है।
बार-बार टूर रहे नाखून
अगर आपके नाखून बार-बार टूट जाते हैं, तो आपको ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर फूड्स जैसे बादाम, नट्स, सूरजमुखी के बीज, अलसी के बीच और अखरोट आदि का सेवन करना चाहिए। इससे आपके शरीर का मॉइश्चर लेवस सही रहेगा।
अगर पीले दिखे नाखून
अगर आपके नाखूनों का रंग धीरे-धीरे पीला पड़ रहा है, तो यह शरीर में होने वाली कई समस्याओं की ओर संकेत हो सकता है। इस तरह के नाखून होने पर आपको सांस की समस्या, डायबिटीज और लिवर प्रॉब्लम की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अगर नाखूनों में पीले स्पॉट्स पड़ रहे हैं, तो यह सोराइसिस या फंगस का संकेत भी हो सकता है।
लाल गम्स
आमतौर पर लाल मसूड़े सूजे हुए दिखाई देते हैं और काफी संवेदनशील होते हैं। जब मसूड़े लाल हो जाते हैं, तो ब्रश या फ्लॉसिंग करने पर उनसे खून आने लगता है। बता दें कि यह रियोडोंटल बीमारी का एक अचूक लक्षण है। इस संक्रमण के होने से मसूड़ों में सूजन आ जाती है। वहीं अगर इस समस्या का समय से इलाज नहीं किया जाए तो यह पीरियडोंटाइटिस में विकसित हो सकता है।
डार्क मसूड़े
अगर आपके मसूड़ों का रंग हल्का या गहरा भूरा होता है, तो इसके दो कारण हो सकते हैं। पहला हो सकता है कि आप धूप में ज्यादा रहते हैं। इसलिए शरीर के बाकी हिस्सों की तरह ही मसूड़ों को भी डार्क कर देता है। वहीं दूसरा कारण है कि तंबाकू में मौजूद निकोटीन से भी मसूड़ों का रंग खराब हो जाता है। इसे ‘स्मोकर्स मेलानोसिस’ के नाम से जाना जाता है। ऐसी समस्या अधिकतर उन लोगों में पाई जाती है, जिनको तंबाकू या धूम्रपान करने की आदत होती है।
सफेद या पीले मसूड़े
अगर आपके मसूड़ों में पीलापन है, तो समझ जाना चाहिए कि इनमें सूजन की शुरूआत होने लगी और उनमें प्लाक बनना शुरू हो गया। मसूड़ों के सफेद या पीले होने का अन्य कारण यह भी हो सकता है आपके शरीर में आयरन की कमी हो रही है। सफेद धब्बेदार मसूड़े मुंह के घावों या नासूर घावों की वजह से हो सकते हैं। इसलिए मसूड़ों का सामान्य रंग नजर नहीं आने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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