बिहार पुलिस में 50 साल की उम्र पार करने वाले पुलिसकर्मियों की छंटनी का निर्णय लिया गया है। इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकार के आदेश का बिहार पुलिस एसोसिएशन ने विरोध किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा है कि पुलिस विभाग में सरकार के आदेश के तहत पत्र निर्गत कर के 50 साल से अधिक उम्र के अनुभवी पुलिसकर्मियों को अयोग घोषित करके सेवा से हटाने का साजिश हो रहा है। इस तरह का आदेश तुगलकी आदेश की तरह है।
उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारी इस तरह के आदेश का नाजायज इस्तेमाल करेंगे। जब दिल करेगा या उनके जरूरत की पूर्ति नहीं हो पाएगा तो वैसे स्थिति में अयोग्य साबित करके सेवा से हटा देंगे। इस तरह के आदेश से किसी भी वरीय के अधीन कार्य कर रहे कर्मी का आर्थिक और मानसिक शोषण होगा। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में समादेष्टा स्तर से इस तरह 50 साल से ज्यादा उम्र के कर्मियों को छंटनी की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जो कदापि स्वीकार्य नहीं होगा। अध्यक्ष ने कहा कि काफी लंबी अवधि तक अपनी सेवा योग्यता, कर्मठता, अनुभव से कुशलता पूर्वक निर्वहन के उपरांत पदोन्नति का अवसर इस उम्र में प्राप्त होता है। इस उम्र में कर्मियों की काफी परिवारिक जवाबदेही बढ़ जाती है। बच्ची-बच्चों की शादी, उच्च शिक्षा के साथ बहुत सारी परिवारिक जिम्मेवारी रहती है। इस तरह के करवाई से सभी स्तर के कर्मियों में काफी आक्रोश भय का वातावरण व्याप्त हो चुका है।
मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि यदि इस तरह कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा तो वे मानसिक पीड़ा से विचलित होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। राज्य सरकार एवं पुलिस मुख्यालय से आगाह पूर्वक मांग करता हूं कि पुलिस विभाग में इस तरह की कार्रवाई पर अविलंब अंकुश लगाया जाए। वरना इसका हर स्तर पर विरोध प्रतिकार करने का दबाव मांग बिहार में उठ रहा है। इस तरह का आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिहार के लगभग सारे कर्मचारी इस आदेश से चिंतित के साथ आक्रोशित है।
