नई दिल्ली। पूरे देश भर कोरोना का हाहाकार मचा हुआ है। इसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से धाॢमक स्थलों को बंद किये गये है। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के सांसद इम्तियाज जलील ने सड़क पर नमाज पढऩे की धमकी दी है। भारतीय जनता पार्टी ने सांसद इम्तियाज जलील की धमकी को लेकर कड़ा विरोध किया है। एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने कहा, जब व्यवसाय, कारखाने, बाजार-हाइवे खोले गए हैं, यहां तक कि बसें, ट्रेन और उड़ानें भी संचालित हो रही हैं, तो सरकार ने धार्मिक स्थल क्यों बंद किया है। राजस्व के लिए शराब की दुकानें भी खोल दी गई और सीमित लोग शादी-विवाह में शामिल हो सकते हैं। केवल धार्मिक स्थानों को क्यों बंद किया गया है। जलील ने कहा, हम आखिर कब तक इंतजार करेंगे? मैं उन तमाम हिंदुओं से अनुरोध करना चाहता हूं कि वह तमाम मंदिर और पूजा स्थल खुलवाने में लग जाएं। जलील ने कहा कि हम दो सितंबर को राज्य में स्थित तमाम मस्जिदों को खुलवाने का आह्वान करेंगे। सरकार अगर इजाजत दे तो ठीक नहीं तो हम सड़क पर नमाज़ पढ़ेगे। एआईएमआईएम सांसद के बयान पर तेलंगाना के भाजपा नेता एनवी सुभाष ने कहा कि कोरोनो वायरस की तबाही के समय एआईएमआईएम द्वारा दिया गया अल्टीमेटम हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते, एआईएमआईएम नेता को धार्मिक तर्ज पर मुसलमानों को उकसाना नहीं चाहिए, जब राष्ट्र को सामान्य स्थिति में नहीं है। एनवी सुभाष ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे अधिक मामले हैं। बीजेपी नेता ने महाराष्ट्र सरकार से सांसद के खिलाफ मामला दर्ज करने की भी मांग की है। (एजेंसी)
