राजनांदगांव। जिला मुख्यालय से महज 8 से 10 किमी दूर खैरागढ़ मार्ग पर ग्राम परेवाडीह-भाठागांव से तुमड़ीलेवा जाने वाले मार्ग पर एक उद्योगपति द्वारा राईस मिल शुरू किये जाने के लिए जोड़तोड़ लगाकर अनुमति ले ली गयी थी। ग्रामीणों ने उक्त फैक्ट्री का विरोध करते हुए आवाज उठाई कि उनके कृषि कार्य के लिए फैक्ट्री का निर्माण उचित नहीं है। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से लेते हुए जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन करते जिला अध्यक्ष आशीष रामटेके के नेतृत्व में जिलाधीश टीके वर्मा को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
उल्लेखनीय है कि ग्राम परेवाडीह में राईस मिल खोले जाने की अनुमति के बाद ग्रामीणों के आक्रोश ने आखिरकार प्रशासन को विवश कर दिया कि उनकी मांगे अनुचित नहीं है और कृषि कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए अनुमति निरस्त कर दी गई। गौरतलब है कि राजनांदगांव के एक उद्योगपति ने राईस मिल खोलने के लिए आनन फानन में राजनीतिक स्तर पर जोड़ तोड़ लगाते हुए अनुमति प्राप्त कर ली थी। इस अनुमति में सबसे पहले ग्राम सरपंच को उद्योगपति द्वारा अपने पक्ष में खड़ा कर मजबूती से अपनी बात रखी गयी। इसी के आधार पर फैक्ट्री लगाने के लिए ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र ले लिया गया। ग्रामीणों ने इंटक नेताओं के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से पूर्व ग्राम पंचायत एवं सरपंच द्वारा ग्रामीणों की राय नहीं ली गयी। इंटक जिला अध्यक्ष आशीष रामटेके ने फैक्ट्री खोले जाने के अनापत्ति प्रमाण पत्र मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को अंधेरे में रखने की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों तथा अपने साथियों सहित इस संबंध में पूरजोर के साथ जिलाधीश टीके वर्मा से न केवल चर्चा की, बल्कि दो टूक यह भी कह दिया कि फैक्ट्री के निर्माण कार्य में रोक नहीं लगायी गयी तो ग्रामीणों का उग्र आंदोलन फूट पड़ेगा। किसी भी प्रकार की अनहोनी के लिए जिला प्रशासन जवाबदार होगा। ग्रामीणों तथा इंटक के मैदान में उतरने से प्रशासन ने कृषकों के हित का ध्यान रखते हुए उक्त अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त कर निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
