हेडिंग पढ़कर शायद आप भी हैरान हो गए होंगे कि ये क्या और कैसी आग है। तो हम आपको बता देना चाहते है कि यह आग सब्जियों के दामों में लगी हुई है। इसलिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों के लिए भी यह खबर खास है। सब्जियों के दाम दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में किचन में काम करने वाली महिलाओं के लिए अपने बजट को मैनेज करना मुश्किल होता जा रहा है। अगस्त के आखिरी सप्ताह से सब्जियों के दामों में बड़ा उछाल आया है। कोरोना ने सब्जी उत्पादन में भी असर दिखाया है। जहां पहले लोग बैग भरकर सब्जियां खरीदते थे, अब सब्जियों की कीमतों ने लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। आलू, टमाटर, धनिया, शिमला मिर्च के भाव सुनकर सभी के होश उड़ रहे हैं।

अंबाला की सब्जी मंडी में 5 से 10 किलो तक बिकने वाले आलू 35 से 40, शिमला मिर्च 50, फ्रेंच बीन 50, ओकरा 40, घीया 40, टमाटर 50, प्याज 25, गोबी 70, हरी मिर्च 30 से 40 रुपए किलो मिल रही है। यहां तक ??कि सब्जियों के साथ उपलब्ध हरा धनिया भी 200 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। पिछले 2 हफ्तों में सब्जी मंडी के बाहर बिकने वाली सब्जियों के दाम 2 गुना बढ़ गए हैं। मंडी में सब्जी लेने आए लोगों ने कहा कि कोरोना के कारण, अन्य सामानों की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं, सब्जियों की अधिक लागत के कारण जीना मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि 10 दिन पहले तक सब्जियों के दाम अच्छे थे, लेकिन आज हर सब्जी के दाम आसमान को छू रहे हैं। लोगों ने कहा कि सरकार को इस पर जल्द ध्यान देना चाहिए।

एक महिला का कहना है कि सब्जी मंडी के बाहर कीमत में आग लगी है, इसलिए बाजार में सब्जियां खरीदने के लिए आना पड़ा। लेकिन यहां भी सब्जी बहुत महंगी मिल रही है। एक अन्य महिला ने बताया कि महंगे दाम के कारण रसोई का बजट बिगड़ रहा है। पहले से ही व्यापार बंद होने के कारण बंद है, ऊपर से सभी सब्जियों की कीमतों ने स्थिति पतली कर दी है। कुछ सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि न केवल हम सब्जियां खरीद रहे हैं बल्कि हम बहुत परेशान हैं। महंगी सब्जियों के कारण बाजार में लोगों की कमी है। जिसके कारण उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। (एजेंसी)

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