शास्त्रों में शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है. इनकी पूजा करने से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि शनि देव की कृपा जिसपर रहती है उसके जीवन में किसी चीज का अभाव नहीं होता. लेकिन शनि की बुरी दृष्टि जिसपर पड़ जाए, उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं.

हिंदू धर्म में मूर्ति पूजन का विशेष महत्व है. घर-घर देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है. लोग अपने घर पर शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, गणेशजी, राम-सीता, श्रीहरि विष्णु, लक्ष्मी जी, मां दुर्गा जैसे कई देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर रखकर पूजा-अर्चना करते हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी देवी-देवता होते हैं, जिनकी मूर्ति घर पर स्थापित करना या घर पर इनका पूजन करना वर्जित होता है. इन्हीं में एक हैं शनि देव.

आपने देखा होगा कि, हमारे घर पर कई देवी-देवता की पूजा होती है. लेकिन शनि देव की पूजा के लिए हम शनि मंदिर जाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि शनि देव की पूजा केवल शनि मंदिर में ही होती है. शास्त्रों में शनि देव की मूर्ति या तस्वीर घर पर रखना वर्जित बताया गया है. लेकिन क्या आपको इसका कारण पता है. अगर नहीं तो आइये जानते हैं-

शनि देव की पूजा के लिए लोग शनिवार के दिन शनि देव के मंदिर जाते हैं. क्योंकि शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए समर्पित है. शनि देव के भक्त मंदिर जाकर दीप जलाते हैं और शनि देव की पूजा करते हैं. घर पर शनि देव का पूजन न करने को लेकर एक पौराणिक कथा जुड़ी है. इसके अनुसार, शनि देव को ऐसा श्राप मिला था कि, उनकी दृष्टि जिसपर पड़ेगी उसका अनिष्ट हो जाएगा.

क्यों भयंकर होती है शनि देव की दृष्टि

पौराणिक कथा के अनुसार शनि देव श्रीकृष्ण के भक्त थे और हमेशा कृष्ण भक्ति में लीन रहते थे. एक बार शनि देव की पत्नी संतान प्राप्ति के उनके पास पहुंची. उस समय भी शनि देव कृष्ण के ध्यान में लीन थे. अथक प्रयासों के बाद भी शनि देव की पत्नी उनका ध्यान भंग न कर सकी और क्रोधित हो गई. क्रोध में आकर उसने शनि देव को यह श्राप दे दिया कि, आज के बाद जिस व्यक्ति पर शनि देव की दृष्टि पड़ेगी उसका अनिष्ट हो जाएगा.

बाद में शनि देव को अपनी भूल का प्रतीत हुआ और उन्होंने पत्नी से क्षमा मांगी. लेकिन पत्नी के पास श्राप को वापस लेने या निष्फल करने की शक्ति नहीं थी. इसलिए इस घटना के बाद से ही शनि देव अपना सिर नीचे करके चलते हैं. क्योंकि उनकी दृष्टि से किसी का अनिष्ट न हो.

तो इसलिए घर पर नहीं होती शनि देव की पूजा

यही कारण है कि शनि देव की बुरी दृष्टि से बचने के लिए ही लोग घर पर शनि देव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित नहीं करते और न ही घर पर इनकी पूजा होती है. इसलिए शनि मंदिर में जानकर ही शनि देव की पूजा करें. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजा करते समय आप केवल शनि देव के चरणों के दर्शन करें, उनकी आखों में न देखें.

डिस्क्लेमर-इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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