अयोध्या में इस 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। राम मंदिर में होने वाले इस ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले ही लगभग 400 किलो के वजन का एक ताला और चाबी अयोध्या पहुंचा है। 22 जनवरी को होने वाली प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम मंदिर में ये ताला और चाबी अलीगढ़ से पहुंचा है। इस ताले और चाबी के कई वीडियो और फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। 

अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले उद्घाटन के लिए भक्तों के बीच उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसी बीच अब दुनिया का सबसे बड़ा ताला, 400 किलोग्राम वजन और 1,265 किलोग्राम लड्डू प्रसाद शनिवार को अयोध्या पहुंच गया। अयोध्या पहुंचा ताला अलीगढ़ से आया है जबकि प्रसाद वितरण के लिए लड्डू हैदराबाद से पहुंचे है। अयोध्या पहुंचे इन दोनों ही भेंट में एक समानता भी है जो कि मूल रूप से भगवान राम के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति और उनका प्यार है।

बता दें कि लड्डू प्रसाद हैदराबाद में श्री राम कैटरिंग सर्विसेज द्वारा बनाया गया है। कैटरिंग सेवाओं के मालिक नागभूषणम रेड्डी ने यहां पहुंचने पर लड्डू प्रसाद के संबंध में न्यूज एजेंसी एएनआई से भी बात की है। उन्होंने कहा कि भगवान ने मेरे व्यवसाय और मेरे परिवार को आशीर्वाद दिया है। नागभूषणम रेड्डी ने एएनआई को कहा कि मैंने जीवित रहने तक हर दिन 1 किलो लड्डू तैयार करने का संकल्प लिया था। वहीं प्रसाद लाए जाने के साथ ही उन्होंने बताया कि वो फूड सर्टिफिकेट भी लेकर आए है। ये लड्डू एक महीने तक आसानी से खाने योग्य रहेंगे। इन लड्डूओं को बनाने में तीन दिन का समय लगा है, जिसमें 25 लोगों ने काम किया है।

ऐसे बनाया गया है ताला

वहीं 400 किलो के वजन वाले ताले को अलीगढ़ के एक दंपत्ति ने बनाया है। यह ताला दो साल पहले अलीगढ़ के नौरंगाबाद निवासी बुजुर्ग दंपत्ति सत्य प्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रुक्मिणी शर्मा ने बनाया था। सत्य प्रकाश शर्मा का हाल ही में निधन हो गया है। उनकी इच्छा थी कि यह ताला अयोध्या राम मंदिर को भेंट कर दिया जाए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद शुक्रवार को अलीगढ़ के नौरंगाबाद निवासी महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती पुरी ताला लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गईं। बता दें कि 400 किलो वजनी ताले को गाड़ी में रखने के लिए क्रेन बुलाई गई. ताला देखने के लिए लोग जुट गए और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए।

महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती पुरी ने पहले एएनआई को दुनिया के सबसे बड़े ताले की कहानी बताई थी और इसे बनाने में कितनी मेहनत की गई थी। इस विशाल ताले को पूरा करने से पहले ही सत्य प्रकाश शर्मा की मृत्यु हो गई लेकिन हमने दिन-रात मेहनत करके इसे पूरा कर लिया। उनका कहना है कि अयोध्या में जाने वाला ये ताला अलीगढ़ ताला उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध करेगा। बता दें कि माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ को तालानगरी (तालों का शहर) कहते हैं। भगवान राम के चरणों में दुनिया का सबसे बड़ा ताला पेश करने का मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलीगढ़ का प्रतिनिधित्व करना है। पूरे देश और दुनिया भर से जो लोग अयोध्या आएंगे, वे बड़े ताले की सराहना करेंगे, जिससे अलीगढ़ में ताला निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल अलीगढ़ शहर को आर्थिक बढ़ावा भी देगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के उपलक्ष्य में अनुष्ठान करेंगे, जबकि लक्ष्मीकांत दीक्षित के नेतृत्व में पुजारियों की एक टीम मुख्य अनुष्ठानों का नेतृत्व करेगी। 

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