नई दिल्ली। आज देशभर में अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जा रहा है. लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते गणपति महोत्सव पर खुलकर जश्न नहीं मनाया जा सका. सड़कों पर ना तो नगाड़ों की गूंज सुनाई दी और ना ही महाराष्ट्र में समुद्र के किनारों पर बप्पा की विशाल मूर्तियों के साथ जन सैलाब उमडा. देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में भी भक्तों ने गणेश महोत्सव के 10वें दिन यमुना नदी में गणपति विसर्जन किया. कोरोना की वजह से लगाये गए लॉकडाउन के नियमों को यहां काफी सख्ती से लिया गया है. नोएडा में तो कुछ लोगों ने सड़कों पर निकले बिना ही घर में किसी छोटे टब या बर्तन में भगवान गणेश की छोटी-छोटी मूर्तियों का विसर्जन किया.
कृत्रिम तालाबों में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जित
कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए गणपति के भक्तों ने भगवान गणेश को विदाई दी. मुंबई में लोगों ने छोटे-छोटे कृत्रिम तालाबों में भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन किया और उनसे कोरोना वायरस के संकट काल को समाप्त करने की प्रार्थना की. लोग सकड़ों से विसर्जन के लिए गणपति बप्पा की मूर्ति ले जाते लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आये. जबकि हर वर्ष हर्षोउल्लास के साथ ये पर्व मनाया जाता है. हजारों की संख्या में महाराष्ट्र में इस दिन भगवान गणपति के भक्त नजर आते है, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से ज्यादा लोग नजर नही आये.
धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ गणपति विसर्जन
लालबागचा राजा नाम से प्रसिद्ध गणेश पंडाल हर वर्ष गणपति की सबसे बड़ी मूर्ति विसर्जित करता था. इस बार यहां गणपति उत्सव पर पहले जैसी धूम भी नहीं नजर आई. मुंबई की तरह नागपुर में भी अनंत चतुर्दशी पर ऐसा ही हाल देखने को मिला. यहां धार्मिक रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए लोगों ने भगवान गणेश की छोटी-छोटी मूर्तियों को कृत्रिम तालाब में विसर्जित किया. (एजेंसी)
