नासा की जेडब्ल्यूएसटी अंतरिक्ष दूरबीन ने एक असाधारण खोज की है जिससे सौर मंडल की बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हो सकती है। जैसा कि हम जानते हैं, सूर्य लगभग 5 अरब वर्षों में एक लाल दानव में बदल जाएगा और अपने नज़दीकी ग्रहों को निगल जाएगा। लेकिन इस नई खोज से पता चला है कि इस प्रक्रिया के दौरान दूर स्थित ग्रह या तो सौर मंडल में अंदर की ओर खिंच जाएंगे या बाहर फेंक दिए जाएंगे लेकिन वे साबुत बना रह सकते हैं। पहली बार, खगोलविदों ने कुछ श्वेत वामन तारों के आसपास सौर मंडल जैसी कक्षाओं में ग्रहों की प्रत्यक्ष छवि ली है। ये श्वेत वामन तब अस्तित्व में आते हैं जब सूर्य जैसे तारे पहले लाल दानव के रूप में फैलते हैं और फिर सिकुड़कर अंतत: पृथ्वी की साइज़ के रह जाते हैं।  वैसे तो ऐसे साबुत ग्रहों के संकेत पहले भी देखे गए हैं। ये ग्रह बाहरी सौर मंडल के बड़े ग्रहों से जैसे होते हैं जो इतने बड़े होते हैं कि अपने मूल तारों के विस्फोट को सहन कर पाएं। श्वेत वामन सूर्य के प्रकाश की केवल 1 प्रतिशत रोशनी उत्सर्जित करते हैं और इस वजह से ये अवलोकन के लिए बढ़िया उम्मीदवार हैं। जेडब्ल्यूएसटी दूरबीन का उपयोग करते हुए, खगोलविदों ने नज़दीक के (लगभग 75 प्रकाश वर्ष दूर के) चार श्वेत वामनों का अध्ययन किया, जिसमें दो पिंड ऐसे दिखे जो ग्रह जैसे लगते हैं। इनमें एक बृहस्पति से 1.3 गुना वज़नी है और शनि की तरह परिक्रमा करता है जबकि दूसरा, बृहस्पति से 2.5 गुना वज़नी है और नेपच्यून की तुलना में थोड़ी बड़ी कक्षा में परिक्रमा करता दिखा। स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट की खगोलशास्त्री सूज़न मुलाली का विचार है कि यह एक वास्तविक संकेत है कि बृहस्पति और शनि जैसे ग्रह अपने सूर्य के श्वेत वामन में परिवर्तित होने के बाद भी अपने वजूद को बनाए रखे हैं। हालांकि, शोधकर्ता इस बारे में और अधिक अवलोकन पर ज़ोर देते हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये ग्रह ही हैं, पृष्ठभूमि की कोई अन्य आकाशगंगा नहीं। अलबत्ता शोधकर्ताओं के अनुसार गलत व्याख्या की संभावना 0.03 प्रतिशत ही है। इस खोज के धरातल पर वैज्ञानिक ऐसे ग्रहों का एक समूह बनाने में सक्षम हो जाएंगे जो हमारे सौर मंडल के शनि और बृहस्पति जैसे दिखते हैं। चूंकि ऐसे ग्रह अपने श्वेत वामन तारों की तुलना में काफी चमकीले होते हैं, इसलिए उनके वायुमंडल का अध्ययन करना तथा सौर मंडल के विशाल ग्रहों से उनकी समानता या अंतर को समझना अपेक्षाकृत आसान होना चाहिए।यह खोज न केवल मरणासन्न तारों के आसपास ग्रहों के लचीलेपन की एक झलक पेश करती है, बल्कि ग्रह प्रणालियों के बारे में हमारी समझ का विस्तार करने के लिए एक समृद्ध अवसर भी प्रदान करती है। (स्रोत फीचर्स)

Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
Exit mobile version