दंतेवाड़ा। साथी की सगाई कार्यक्रम से वापस लौट रहे 2 युवकों की नक्सलियों ने हत्या कर दी। बताया जाता है कि नक्सलियों को इन युवकों पर मुखबिरी का शक था। हत्या के बाद नक्सलियों ने इसकी जिम्मेदारी भी ली है। घटना दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल इलाके की है। किरंदुल थाना क्षेत्र के हिरोली डोकापारा निवासी अशोक कुंजाम और बंदरा कुंजाम अपने मित्र की सगाई में पड़ोसी बीजापुर के दौड़ी कुमनार गांव गए थे। ये सभी लोग किरंदुल से जंगल के रास्ते से लगभग 30 किलोमीटर पैदल चलकर बुधवार की रात दौड़ी कुमनार गांव पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार सगाई के बाद जब वे गुरुवार को लौट रहे थे तब हिरोली और डोकापारा गांव के जंगल में उनका सामना नक्सलियों से हो गया। इस दौरान नक्सलियों ने उन्हें पुलिस का मुखबिर समझा और उनकी पिटाई शुरू कर दी। इस घटना में दो युवकों की मौत हो गई तथा अन्य घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों युवकों के शवों को किरंदुल पहुंचाया और इसकी सूचना पुलिस को दी। नक्सलियों द्वारा फेंके गए पर्चे में गंगालूर एरिया कमेटी का आरोप है कि दोनों युवक पुलिस के मुखबिर थे। इस घटना के लिए दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार हैं। इधर एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि मारे गए युवक पुलिस के मुखबिर नहीं थे। मृतक युवकों को पुलिस का गोपनीय सैनिक कहना नक्सली दुष्प्रचार है। दरअसल घर वापस अभियान की सफलता से नक्सलियों को झटका लगा है।
