रायपुर। हल्दी का उपयोग धार्मिक कार्यों के अलावा मसाला, रंग सामग्री, औषधि तथा उबटन के रूप में किया जाता रहा है। औषधि एवं घरेलू उपयोग के साथ ही हल्दी में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं। इस क्रम में दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोंडा के 5 ग्रामों को हल्दी की पैदावार के लिए चयन किया गया है। बिहान समूह की महिलाएं हल्दी की खेती कर आगे बढ़ती जा रही हैं।
हल्दी शुभ कार्य के साथ खाने के लिए भी बेहतर उपयोग किया जाता है। हल्दी (टर्मरिक) एक भारतीय वनस्पति है यह अदरक की प्रजाति का 5 से 6 फिट बढने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठो में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी गयी है। इसके अलावा भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी भारतीय समाज में इसको बहुत शुभ समझा जाता है विवाह में तो हल्दीे की रस्म का एक विशेष महत्व है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के तहत स्थानीय स्व सहायता समूह की दीदियों को हल्दी उत्पादन के लिए खेती की ओर आगे बढ़ रही है। समूह की महिलाएं ग्राम रेंगानार, गढ़मिरी, कुआकोण्डा, हल्बारास, मैलावाड़ा, गोगपाल के इच्छुक 50 महिलाओं को उद्यानिकी विभाग से 20 क्विंटल हल्दी बीज प्रदाय की गई है और समूह की दीदियों ने 40-40 किलो अपनी बाड़ी में हल्दी गाठों का रोपण किया है। इस प्रकार हल्दी उत्पादन इस वर्ष होने पर अगले वर्ष इस हल्दी को मां दन्तेश्वरी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कुआकोण्डा के द्वारा खरीदी भी की जायेगी। खरीदी कर इस हल्दी का समूह के द्वारा प्रसंस्करण कर दुकान तथा थोक किराना दुकानों में सप्लाई करने की योजना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्दी की खेती के लिए अच्छा वातावरण है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ द्वारा हल्दी की खेती को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि एवं आजीविका से जोड़ते हुए पहल की जा रही हैं।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version