रायपुर। जिले में 21 सितंबर की रात 9 बजे से सख्त लाॅकडाउन लगाया जा रहा है। ऐसा पहली बार होगा, जब लोगों को पेट्रोल भी नहीं मिलेगा। राजधानी सहित जिले में औसतन हर दिन एक हजार कोरोना मरीज मिलने के बाद एक बार फिर से पूरे जिले को लॉकडाउन करने का फैसला किया है। 28 सितंबर को रात 12 बजे तक केवल दूध, दवा, गैस और केवल सरकारी गाड़ियों को ही पेट्रोल-डीजल ही मिलेगा। राशन, किराना, सब्जी, फल, नॉनवेज समेत किसी भी तरह की कोई दुकान नहीं खुलेगी। आदेश जारी करते हुए कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने साफ कर दिया है कि इस बार के इमरजेंसी के अलावा किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बेवजह बाहर घूमने पर लोगों की गाड़ियां जब्त करने के साथ ही उन पर एफआईआर भी की जाएगी। वहीं प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के बीच रायपुर के अलावा अंबिकापुर 21 सितंबर रात से और बिलासपुर, धमतरी में 22 से लॉकडाउन रहेगा। इन जिलों में 28 सितंबर तक सब बंद रहेगा। बालोद में भी 22 से 30 सितंबर तक लॉकडाउन किया जा रहा है।
राजधानी में लॉकडाउन के फैसले के लिए कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने शनिवार की दोपहर को सभी आला अफसरों की बैठक बुलाई। इसमें कोविड से जुड़े सभी विभागों के अफसरों को बुलाया गया और उनसे राय ली गई। आखिरी में सभी की सहमति से पूरे रायपुर जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया। 21 से 28 सितंबर तक जिले में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। कलेक्टर के आदेश के तहत इस बार सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे जो खुलेंगे उनमें आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक संस्थान नहीं खुलेंगे, किसी भी तरह के कार्यक्रमों को आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
