देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय चिकित्सीय संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा किया है. डॉक्टरों का कहना है कि झाडू की वजह से कोरोना वायरस फैल सकता है. इसलिए आगामी 2 अक्टूबर को मनाए जाने वाले स्वच्छता दिवस पर वैक्यूम क्लीनर का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए. झाड़ू का नहीं. एम्स के डॉक्टरों ने देश के नेताओं से भी अपील की है कि महामारी के इस वक्त में वे लोग भी वैक्यूम क्लीनर के साथ ही सफाई अभियान में भाग लें. दिल्ली एम्स के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि जिस तेजी से देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में हर छोटी से छोटी लापरवाही भी पूरे देश के लिए भारी पड़ सकती है. सार्वजनिक जगहों पर झाड़ू का इस्तेमाल और खुले में कूड़े को रखना संक्रमण को बढ़ावा देने जैसा है. डॉक्टरों के अनुसार इन जगहों पर चार से पांच दिन तक कोरोना वायरस के विषाणु जीवित रह सकते हैं. झाड़ू लगाते वक्त धूल-मिट्टी के साथ विषाणु हवा में फैल सकते हैं, जिससे सांस के जरिए अन्य लोगों के शरीर में प्रवेश कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्किल इंडिया को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं. ऐसी हालत में देश में बने वैक्यूम क्लीनर को बढ़ावा देना चाहिए. ताकि ये सस्से बनें और हर आदमी की पहुंच में हो. डॉ. श्रीवास्तव ने अपील की है कि आगामी दो अक्तूबर को जो राजनेता सफाई अभियान में भाग लेने वाले हैं वे झाड़ू की जगह वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें. इस समय देश में बारिश का मौसम है, ऐसे में हवा में नमी भी है. अगर लोग खुले में झाड़ू लगाएंगे तो वायरस के फैलने का खतरा रहेगा.
