रायपुर। बेमेतरा जिला में रोपित बायर मल्टी इंटरनेशनल कंपनी का हाइब्रिड धान खराब होने की शिकायत लगातार सामने आ रहा है। जिला पंचायत सभापति एवं अंकुर समाज सेवी संस्था के प्रदेश संयोजक राहुल योगराज टिकरिहा किसानों की इस समस्या को पूरे मुस्तैदी के साथ उठा रहे है। सभापति टिकरिहा लगातार किसानों के साथ विभिन्न गांव के खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण कर रहे थे।
सभापति टिकरिहा द्वारा इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी बेरला और जिला कलेक्टर शिव अनंत तयाल को धान की बाली दिखाकर ज्ञापन दिया गया था। जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र ढोलियां बेमेतरा को पत्र जारी करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उक्त क्षेत्र की फसल का संबधित किसानों के खेतों में जाकर निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया। कृषि महाविद्यालय के विशेषज्ञों ने अपने टीम के साथ बेरला विकासखंड के ग्राम लावतरा, खंगारपाट, गाड़ामोर पहुँचे जहाँ किसानों और सभापति राहुल टिकरिहा की उपस्थिति में फसल का निरीक्षण कर सर्वे किया गया। कृषि विशेषज्ञों द्वारा किए जा रहे सर्वे से सभापति टिकरिहा और किसान असंतुष्ट है।
सभापति टिकरिहा ने बताया कि सर्वे के लिए आये कृषि विशेषज्ञ कंपनी के एजेंट की तरह बात कर रहे थे। खेतो का अच्छी तरीका से निरीक्षण ही नहीं किया है। कृषि विशेषज्ञ कंपनी का बचाव करते नजर आ रहे थे। जिसमें निरीक्षण के उपरांत 14.78 से 15.84 प्रतिशत तक मिश्रित पौधे पाए गए साथ ही तनाछेद व माहू का प्रकोप पाया गया। वहीं इस निरीक्षण से किसानों ने भी असंतुष्टि जाहिर कर विरोध किया किसानों का कहना है कि कुछ वैज्ञानिक के रवैय्ये से असंतुष्ट दिखे उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक किसान की हित में बात करते नजर नहीं आये उल्टा मल्टी इंटरनेशनल कम्पनी का बचाव करते नजर आयी, किसान विवेकानंद साहू व कुम्भकरण निषाद का कहना है कि अपने वैज्ञानिक से हमें ऐसी अपेक्षा नहीं थी। निरीक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों की टीम में वैज्ञानिक डॉ जीपी अगम, डॉ केपी वर्मा, उप संचालक कृषि एमडी मानकर, एसडीओ हेमंत बघेल, प्रज्ञा पांडेय, हेमंत साहू, अतुल सिंह, हेमा गायकवाड़, शुभम चौहान, सहित अन्य विभागीय उपस्थित रहे। वहीं लावातरा, खंगारपाट व गा?ामोर के किसान कौशल वर्मा, नीरज परगनिहा, दूजे निषाद, रूपचंद निषाद, कुम्भकर्ण विश्वकर्मा, रूपेंद्र वर्मा, विवेकानंद साहू, भगेला राम वर्मा, रामसिंग वर्मा, संजय वर्मा, कुम्भकरण विश्वकर्मा, दिनेश वर्मा, रूपचंद निषाद, ओमकार निषाद, रूपेंद्र वर्मा, राजकुमार वर्मा, रोशन वर्मा, देरहा निषाद, अरुण निषाद, राजकुमार निषाद, दूजे निषाद, तोरण परगनिहा, तेजस साहू, कौशल वर्मा, पंकज वर्मा, लल्ला पटेल सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
