हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र, पूजनीय माना गया है. प्रतिदिन तुलसी का पूजन करना और पौधे में जल अर्पित करना हमारी प्राचीन परंपरा है. जिस घर में प्रतिदिन तुलसी की पूजा होती है, वहां सुख-समृद्धि, सौभाग्य बना रहता है. भगवान विष्णु का भोग तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है. इसका कारण यह बताया जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं. अधिक मास में तुलसी का पूजन करना बहुत ही पुण्य फलदायी माना गया है. इसीलिए हर व्यक्ति को अधिक मास में श्री नारायण, श्रीकृष्ण के साथ-साथ तुलसी का पूजन अवश्य ही करना चाहिए. अधिक मास में तुलसी मंत्र और विष्णु मंत्र नमो भगवते वासुदेवाय नम: का जाप अवश्य करना चाहिए.भगवान विष्णु अधिक मास के स्वामी माने जाते हैं. पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है. इसीलिए अधिकमास को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. बता दें अधिकमास 18 सितंबर 2020 से शुरू हो चुका है जबकि 16 अक्टूबर 2020 तक यह चलेगा. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हर घर के बाहर तुलसी का पौधा होना अनिवार्य है. इससे घर में पवित्रता बनी रहती है और नकारत्मकता दूर होती है. ऐसा भी विश्वास है कि घर के आंगन में तुलसी का पौधा हो तो घर का कलह और अशांति दूर होती है. तुलसी वास्तु दोष भी दूर करने में सक्षमहै. जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
Previous Articleजिले में गोधन न्याय योजना से पशुपालकों में छाई खुशहाली
Next Article बड़ी खबर एक हफ्ते का लॉकडाउन खत्म, बशर्तें…
