राजनांदगांव। सुपोषण के प्रति जन-जागरूकता के लिए जिले में लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पोषण माह और कृमि मुक्ति दिवस के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनें गर्भवती व धात्री महिलाओं को बच्चों के पोषण के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रेरित कर रही हैं। कृमि मुक्त करने के लिए वर्तमान में जिले भर में बच्चों को अल्बेंडाजॉल की गोलियां खिलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य एवं कल्याण परिवार कल्याण विभाग द्वारा 23 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का मूल उद्देश्य बच्चों में होने वाली खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी एवं कुपोषण की रोकथाम करना है। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक से 19 वर्ष की आयु समूह के बच्चों के साथ-साथ आंगनबाड़ी से जुड़े सभी बच्चों को शामिल किया गया है। इसी के तहत ग्राम कोटरासरार की मितानिनों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि मुक्ति के लिए अल्बेंडाजॉल नामक दवा खिलाई। इसके साथ ही कृमि संक्रमण से बचाव के लिए प्रेरित भी किया। उन्होंने बच्चों व पालकों को बताया, खुले में शौच नहीं करना चाहिए, नाखून साफ व छोटे रखें, स्वयं के साथ ही घर व घर के आसपास को स्वच्छ रखने का प्रयास करें। कोटरासरार में आयोजित कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में एनएम रीना साहू, मितानिन शारदा सिन्हा, जानकी साहू, बबीता, दुलारी साहू व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी सिन्हा, मीना निषाद और द्रोपती मंडावी उपस्थिति रहीं।
जिले भर में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विकासखंडवार कार्यक्रम के संचालन एवं क्रियान्वयन की समय-समय पर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए ही कृमि मुक्ति कार्यक्रम के सफल संचालन व क्रियान्वयन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह है अल्बेंडाजॉल की उचित खुराक
इस संबंध में सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, कृमि मुक्ति कार्यक्रम में ग्राम की मितानिनों एवं आंगनबा?ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडाजॉल की टेबलेट खिलाई जा रही है। कृमि से मुक्त करने के लिए एक से 2 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडाजॉल की आधी टेबलेट (200 मि.ग्रा.) पीस कर पानी के साथ खिलाई जाती है तथा 2 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को 1 टेबलेट (400 मि.ग्रा.) चबा कर खानी होती है। टेबलेट खिलाने के संबंध में जिले की मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभिन्न आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
6 लाख 60 हजार 860 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे ने जानकारी दी कि जिले में इस अभियान के अंतर्गत 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के कुल 6.60 लाख से अधिक बच्चों को कृमिनाशक अल्बेंडाजॉल टेबलेट की दवा खिलाई जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया, अपने हाथ साबुन से धोएं विशेषकर खाने से पहले व शौच जाने के बाद, हमेशा साफ पानी पीयें, जूते पहनें, खाने को ढंककर रखे और फल व सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें तो कृमि संक्रमण से बचा जा सकता है।
कृमि से मुक्ति के लिए गांव-गांव में खिलाई जा रही है अल्बेंडाजॉल
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