पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा राज्यपाल को पत्र, नक्सलवाद के खिलाफ सरकार को कड़े कदम उठाने निर्देशित करने का किया आग्रह
रायपुर। छत्त्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि बीते कुछ महीनों में नक्सलवादी बस्तर संभाग में दहशत और आतंक का माहौल बनाने में सफल हुए है पिछले 6 महीनों पर नजर डाले तो बस्तर संभाग में लगभग 76 लोगों की हत्या नक्सलवादी कर चुके है, इसमें पुलिस जवानों के साथ-साथ ग्रामीण भी शामिल है। उक्त बातें उन्होंने राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके को लिखे पत्र में कही है। उन्होंने उक्त बातें राज्यपाल के संज्ञान में लाकर उनसे इस संबंध में राज्य सरकार को उचित एवं कड़े कदम उठाने के लिए निर्देशित करने की बात कही है। राज्यपाल को लिखे पत्र में डॉ. सिंह ने कहा कि सितंबर महीने में बीजापुर जिले के ग्राम आदवाडा, सवनार, कोरचोली, बेचापाल और कॉन्ड्रोजि गांवों के 6 ग्रामीणों की एक साथ हत्या हुई, एक एसआई वन विभाग के रेंजर, ग्रामीण कोरसा नगैया, विजय पसरा, बज्जी अटामी, दसर राम मन्ना, मन्नूलाल, रामनाथ पटेल और राजू समेत 17 लोगों को नक्सलवादी मौत के घाट उतार चुके है। यह आंकड़ तो घोषित है, लेकिन सच्चाई यह है कि नक्सलवादियों के खौफ से ग्रामीण अपने परिजनों की हत्या की शिकायत पुलिस थाने में नहीं कर पा रहे है। नक्सलवादी अब बेखौफ होकर हत्याएं कर रहे है, ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार नक्सलवादी समस्या का निराकरण करने मेें असफल होते जा रही है और पुलिस को नक्सल समस्या का सामना करने के लिए फ्री हैंड नहीं दे रही है। चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को नक्सल वाद से मुक्त करने का वादा किया था लेकिन अब देखने में आ रहा है कि वह पहले से ज्यादा निर्भय और स्वतंत्र होकर आतंक फैला रहे है। इससे भाजपा की सरकार द्वारा जो नक्सलवादियों की कमर तोडऩे का प्रयास कर बस्तर को मुख्यधारा में जोडऩे के लिए विकास किया गया था वह अब रूक गया है। आपको विदित हो कि एक महीने में बीजापुर जिले में 25 हत्याएं होने के बाद भी प्रदेश के मुख्यमंत्री तो दूर गृहमंत्री ने भी ना जिले का दौरा किया है और ना रही पुलिस की बैठक लेना जरूरी समझा है। आपसे अनुरोध है कि हमारे आदिवासी भाईयों के अमूल्य जीवन की रक्षा के लिए आप सरकार को उचित और कड़े कदम उठाने के लिए निर्देशित करें।
