नई दिल्ली।
केंद्र सरकार एक ऐसी योजना बनाएगी जिसमें विशेष रूप से बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए सीधे कोविड-19 वैक्सीन के डेवलपर्स से टीके का सौदा कर सकती हैं। मामले के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने इस बात की पुष्टि की है। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि भारत की ज्यादातर वैक्सीन योजना राज्य द्वारा पोषित होगी और इसकी लागत लगभग 50 हजार करोड़ रुपये होगी। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की है कि ज्यादातर विश्लेषक वैक्सीन के बारे में कह रहे हैं कि 2021 में भारत के भीतर हर किसी को वैक्सीन नहीं मिल पाएंगी।
अधिकारियों ने बताया कि कंपनियों को वैक्सीन की खुराक को सुरक्षित रखने की अनुमति देने की योजना पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में कोई व्यवधान न हो। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यलाय से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इंडियन इंक के लिए वैक्सीन का एक विंडो खुल जाएगा। बहुत ही सीमित स्पलाई के साथ। स्वास्थ्य कर्मचारियों, सह-रुग्णता वाले रोगियों और वृद्ध आबादी को पहले खुराक दी जाएगी।
