हाथरस। हाथरस गैंगरेप कांड के आरोपियों के बेकसुर बताने पर पीडि़ता की मां ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. मां ने कहा कि अगर खेत में दिख जाते तो दरांती से खेत में ही काट देती. मां बोलीं कि मैं थोड़ी ही दूर पर घास काट रही थी और अपनी बेटी का खून देखकर मैं बेहोश हो गई. उन्होंने कहा कि खेत में घास काट रहे थे तो प्यास लगी. फिर बेटे को पानी लाने के लिए भेज दिया. उसी दौरान बेटी के साथ आरोपियों ने ये काम किया. आरोपियों से फोन पर बात करने के आरोप पर पीडि़ता की मां कहती हैं कि मेरे घर में सब अनपढ़ हैं. सिर्फ बहू पढ़ी लिखी है. नंबर कैसे मिला लेगा कोई. घर पर बहू ही रहती है. बता दें कि गैंगरेप कांड के आरोपियों ने पुलिस अधीक्षक को चिी लिखी. इसमें आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया है. आरोपियों ने दावा किया है कि पूरा मामला ऑनर किलिंग का है. वहीं पीडि़त परिवार ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है. पीडि़ता की भाभी ने कहा कि उसको (पीडि़ता) चुपके से जला दिया. अब हम लोगों को जहर दे दो. वहीं, दो आरोपियों रामू और रवि की मां ने कहा कि हमारे दोनों बेटे निर्दोष हैं. उनको बाद में फंसाया गया है. चिी में जो लिखा है, वह सही होगा लेकिन हमने यह नहीं देखा है कि वह कब मिलने जाते थे और कब नहीं जाते थे. इस बीच, पीडि़ता के परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. पीडि़त परिवार की तरफ से सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार ने दायर अर्जी में कहा है कि पुलिस-प्रशासन की बंदिशों के चलते पीडि़त परिवार घर में कैद सा होकर रह गया है. लोगों से मिलने-जुलने की पूरी छूट दिए जाने और अपनी बात खुलकर रखे जाने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि पाबंदियों के चलतमाम लोग मिलने नहीं आ पा रहे हैं. परिवार किसी से खुलकर अपनी बात नहीं कह पा रहा है. याचिका में कहा गया कि इंसाफ पाने के लिए पीडि़त परिवार से बंदिशें हटना जरूरी है.
