अम्बिकापुर। राज्य सरकार की योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजाति की पहाड़ी कोरवा महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं। कभी घर से बाहर न निकलने वाली ये महिलाएं आज स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सैंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से अच्छी आमदनी कमा रही हैं।
बिहान योजना ने बदली जिंदगी
अंबिकापुर विकासखंड के मलंगवा खुर्द गांव की महिलाएं पहले जागरूकता के अभाव में केवल घरेलू कामों तक ही सीमित थीं। लेकिन साल 2014 में बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया। लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती संगीता पहाड़ी कोरवा बताती हैं कि उन्होंने पहले बकरी और मुर्गी पालन शुरू किया, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। धीरे-धीरे बचत की आदत से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।
सैंटरिंग प्लेट व्यवसाय से बढ़ी आमदनी
लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सचिव श्रीमती सुशीला पहाड़ी कोरवा ने बताया कि सितंबर 2024 में समूह ने 90 हजार रुपये का लोन लेकर सैंटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में बनाए जा रहे पक्के मकानों के लिए एडवांस बुकिंग मिलने से उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। पिछले छह-सात महीनों में समूह की महिलाओं ने 30 से 40 हजार रुपये की कमाई की है, जिससे लोन भी पट रहा है और रोजगार भी मिल गया है।
शासन की योजनाओं से मिल रहा संबल
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। संगीता और सुशीला बतातीं हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने उनके खाते में राशि आ जाती है, जिससे छोटी-मोटी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने से रहने की समस्या भी दूर हो गई है।
पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए संघर्ष करने वाली ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर और सशक्त हैं। सरकार की योजनाओं से इन्हें रोटी, कपड़ा और मकान की सुविधाएं मिली हैं, जिससे इनका जीवन स्तर सुधर रहा है। पहाड़ी कोरवा महिलाओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। अब पहाड़ी कोरवा समूह की महिलाएं से अन्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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