स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में घोषणा की कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और आयुक्त को जिला अस्पताल जांजगीर में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों तथा प्रभारी सिविल सर्जन के बीच विवाद के संबंध में विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से जिला अस्पताल जांजगीर के प्रभारी सिविल सर्जन द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। कश्यप ने सदन में कहा कि प्रभारी सिविल सर्जन ने कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है और उनका तबादला किया जाना चाहिए। अपने जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में कहा कि जिला अस्पताल जांजगीर के प्रभारी सिविल सर्जन ने जिला अस्पताल में उपाय करके स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया है। प्रभारी सिविल सर्जन ने अस्पताल के डॉक्टरों को समय पर अस्पताल आने के निर्देश दिए तो उन्होंने सिविल सर्जन का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में ओपीडी की। इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। सिविल सर्जन और दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों को एक सप्ताह के अंदर दंडित किया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में कहा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में घोषणा की कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और आयुक्त को जिला अस्पताल जांजगीर में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों तथा प्रभारी सिविल सर्जन के बीच विवाद के संबंध में विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं
Previous Articleप्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया जारीप्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया जारी
Next Article Gallary

