कवर्धा। कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इन दिनों जिले के गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते हुए विशेषकर सर्दी-खांसी और बुखार से पीडि़त मरीजों की शीघ्र जांच की जा रही है। इससे पहले अधिकारियों को कलेक्टर ने भी स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए हरसंभव उपाय किए जाएं। कलेक्टर रमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोरोना पर नियंत्रण की दिशा में अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में कवर्धा जिला सीएमएचओ डॉ. एस.के. मंडल ने जिले के पंडरिया और पांडातराई क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान सर्दी-खांसी और बुखार समेत कोरोना के अन्य लक्षणों वाले लोगों की सैंपलिंग पर जोर दिया गया। इसके पश्चात 168 लोगों की जांच भी की गई। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों की टीम ने पंडरिया और पांडातराई के ग्रामीणों को कोरोना (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं उपचार, इलाज की अनुमति, पात्रता, मरीजों की निगरानी तथा मरीजों द्वारा बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी। कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए मास्क का उपयोग तथा सावर्जनिक स्थानों पर दो गज की दूरी बनाए रखने के साथ ही अन्य सभी प्रकार के जरूरी उपाय करने के लिए कहा गया। दौरे के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर एवं टूनाट में प्राप्त मरीजों की संख्या, कोविड-19 अस्पताल में भर्ती मरीजों की ऑक्सीजन जांच, ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता और होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों, नियंत्रण कक्ष, कोरोना के इलाज के लिए पर्याप्त बेड की उपलब्धता आदि का विस्तृत निरीक्षण किया। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. मंडल ने बताया, पंडरिया और पांडातराई क्षेत्र के दौरे के दौरान बिना लक्षण वाले और कम लक्षण वाले मरीजों को कौन-कौन सी दवाएं कब लेनी है और क्या ऐहतियात बरतना है, इसकी जानकारी दी गई। प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट में दी जाने वाली दवाओं के बारे में भी मरीजों को बताया गया। उन्होंने बताया, कोरोना एंटीजन जांच के लिए जिला चिकित्सालय के साथ ही जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एंटीजन जांच केंद्र की स्थापना की गई है। जहां रेपिड एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट की जा रही है। जिले के किसी भी गांव में कोरोना मरीज पाए जाने की स्थिति में संबंधित का तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
