भिलाई । शहर में डिजीटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ताजा मामले में दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने गुजरात से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर दुर्ग की एक युवती को डिजीटल अरेष्ट के जरिए ठग लिया। महिला को सीबीआई का अफसर बताया और मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग केस आदि का डर दिखाया। युवती झांसे में आ गई और अलग अलग चरणों में 41 लाख ठगों को ट्रांसफर कर दिए। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की और आखिर कार सफलता मिली।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से रुपए गिनने की मशीन व 45 लाख का इन्डेवर फोर्ड वाहन जब्त किया है। इस संबंध में सीएसपी दुर्ग चिराग जैन ने पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरिहा अमीन कुरैशी निवासी एलआईजी 512 हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी बघेरा दुर्ग ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 जनवरी 2025 को उसके मोबाइल पर दिल्ली पुलिस डिपार्टमेंट का एक विडियो कॉल आया।

कॉलर ने बताया कि सीबीआई द्वारा संदीप कुमार के विरूद्ध मनीलॉन्ड्रींग कैस, ड्रग ट्रेफेकिंग, आईडेन्टिटी थेफ्ट कैश में जांच की जा रही।  जिसमें उन्हें संदीप कुमार के कब्जे से 180 बैंक खाते मिले हैं। इनमें से एक खाता युवती के नाम का एचडीएफसी बैंक दिल्ली का होना बताया। यह बताया गया कि उक्त खाते में 8.7 करोड़ रुपए जमा है। इस पर युवती ने उक्त खाता अपना नहीं होना बताया लेकिन फर्जी अफसरों ने गिरफ्तारी का डर दिखाया और ऑनलाइन बयान देने और इंवेस्टिगेशन की बात की।

दिल्ली का आईपीएस बताकर कराया परिचय – इसके बाद एक पुलिस अधिकारी से ऑनलाईन सुनील कुमार गौतम आईपीएस दिल्ली पुलिस कहकर परिचय कराया गया। फर्जी अफसर ने पूछताछ कर बयान लिया और प्रार्थिया के नाम से जमा और अर्जित चल अचल संपत्ति का विवरण मांगा गया। पुलिस अधिकारी आईपीएस गौतम ने प्रार्थिया से यह भी कहा की आरोपी संदीप कुमार बहुत ही बड़ा अपराधी है, यह प्रकरण बहुत बड़ा कॉन्फिडेनशियल केस है। इसलिये इसकी गोपनीयता बनाये रखना जरूरी है। इसके बाद प्रार्थिया अपने भारतीय स्टेट बैंक गंजपारा दुर्ग से अलग-अलग चरणो में आरटीजीएस के माध्यम से 41 लाख रुपए आरबीआई इण्डिया में जमा कराया गया। इसके बाद युवती का उन अफसरों से संपर्क नहीं हुआ। युवती को तब जाकर अहसास हुआ कि उससे ठगी हुई है। इसके बाद दुर्ग कोतवाली ने धारा 318 (4), 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया है।

खाते की जांच से पुलिस आरोपियों तक पहुंची – विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि प्रार्थिया द्वारा 9,50,000 रुपए 29 जनवरी 2025 को राजकोट नागरिक सहकारी बैंक ब्रांच मोरबी गुजरात में आस्था लॉजिस्थ संस्था के नाम से संचालित खाते में जमा कराया। उक्त खाता का संचालक आरोपी प्रोपाईटर मनीष दोसी राजकोट गुजरात का होना पाया गया है। आरोपी का विडियो फुटेज भी पैसा निकालते समय संबंधित बैंक का सायबर सेल भिलाई को प्राप्त हुआ। इसके बाद आरोपी मनीष दोसी निवासी सनाडा रोड़ मोरबी थाना मेरबी सिटी ए डिविजन जिला मोरबी, गुजरात को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी मनीष दोसी से पूछताछ करने पर अन्य आरोपी असरफ खान निवासी सुरेन्द्रनगर गुजरात के द्वारा कहने पर उक्त रकम को अपने खाता में डलवाना बताया। इसके बाद आरोपी असरफ खान के मोबाइल को चेक करने पर किप्टो करेंसी से संबधित एप दिखा।

कड़ाई से पूछताछ करने पर सायबर ठगी से प्राप्त पैसो को क्रिप्टो करेंसी में लगाकर दुबई भेजना एवं स्थायीय अगडिय़ा के माध्यम से पैसो को हवाला में उपयोग करना बताया। आरोपियों के कब्जे से पैसे गिन्ने की मशीन एवं 1 इन्डेवर फोर्ड वाहन कंमाक जीजे13 ए आर 2422 जब्त किया गया। प्रकरण में धारा 317(2), 317(4), 61(2) (ए) बीएनएस, 66 (डी) आई.टी एक्ट जोड़ी गई है। आरोपीगण के खिलाफ अपराध सबुत पाए जाने से 29/03/2025 को एवं 30/03/2025 को गिरफ्तार कर संबंधित  न्यायालय मोरबी एवं माननीय न्यायालय सुरेन्द्रनगर गुजरात से ट्रांजिस्ट रिमांड लेकर न्यायालय दुर्ग के समक्ष पेश किया गया है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, सउनि पूरनदास, आरक्षक सुरेश जायसवाल, एसीसीयू टीम राज कुमार चंद्रा, चित्रसेन साहू की सराहनीय भूमिका रही।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
Exit mobile version