रायपुर। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने शुक्रवार को राजनांदगांव कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर गहरी नराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन दोनों अनुविभागों के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। श्री अकबर राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री भी है। उन्होंने समीक्षा बैठक में राजनांदगांव में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम, बचाव के उपायों के क्रियान्वयन सहित खनिज संस्थान न्यास निधि शासी परिषद (डीएमएफ) एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की।
वन मंत्री ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पटवारी मुख्यालय में रहें। अधिकारी पटवारियों के कार्यों का सतत निरीक्षण भी करें। सभी अनुविभागों में पटवारियों की नियुक्ति में साम्यता होनी चाहिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, विवादित बंटवारा, भुईयां साफ्टवेयर में राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाईजेशन की समीक्षा की। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्याें की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर कोरोना सुरक्षा सप्ताह के तहत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की शपथ ली गई।
संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मंडावी, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू, अनुसूचित जाति क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डोंगरगढ़ विधायक श्री भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक श्री देवव्रत सिंह, राजनांदगांव महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री डी श्रवण भी बैठक में उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि डीएमएफ में अभी वर्तमान में 9 करोड़ रूपए की राशि है जिससे खनिज प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कराए जाएंगे। बैठक में जनपद पंचायत के कार्याें की समीक्षा भी की गई।
