रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ 1 नवंबर को सत्याग्रह तथा 2 और 3 नवंबर को सामूहिक अवकाश लेकर अपनी लंबित मांगों के लेकर शासन का ध्यानाकर्षण करेगा। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ के प्रमुख मांगों में:- (1) एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करो, (2) सभी विभागों में रिक्त पदों पर निशर्त अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें,सी आई डी सी के हड़ताल रत परिवार लंबित अनुकंपा नियुक्ति आदेश तत्काल जारी करो, (3) जनघोषणा पत्र के क्रियान्वयन करें, कोरोना वायरस के रोकथाम में लगे पीडि़त निधन हुए कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा राशि प्रदान करें शामिल है। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में 1 नवंबर से पेंशन नियम 1976 को तत्कालीन सरकार ने समाप्त कर नवीन अंशदाई पेंशन योजना एनपीएस लागू की जिससे कर्मचारियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया गया। और इसी तरह से अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में भी तात्कालिक निराकरण नहीं किया जाना संवेदनहीनता दर्शाता है। जबकि यही कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शासन के अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य को और अपने दायित्वों को इमानदारी से पूरा करता है पूरी जिंदगी के सबसे ज्यादा समय वह सेवा में बिताता है तथा आकस्मिक निधन होने पर उनके परिवार के भरण-पोषण हेतु सेवा में एक सदस्य को योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जाती है। और सेवानिवृत्त होने पर बदले में जीवन यापन के लिए उसे पेंशन और निधन होने पर परिवार पेंशन के रूप में जीवन यापन के लिए राहत के रूप में वेतन का एक हिस्सा प्रदान किया जाता था। उसे भी तात्कालिक केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा छीन लिया गया। जिससे कर्मचारियों में भय और असंतोष है। और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। सरकारी कर्मचारियों की प्रति सरकारों की जवाबदेही निरंतर कम करने का साजिश जारी है। सरकारी कर्मचारी चाहे किसी भी संवर्ग का हो सभी के लिए नुकसानदायक है। आईए हम सब आवाज उठाएं और अपने मांग को लेकर शासन को सचेत करें। समस्तअधिकारी कर्मचारी फेडरेशन में एक होकर अपने हिस्से का संघर्ष करें। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए एक नवंबर को सत्याग्रह राजधानी में धरना स्थल पर। दो और तीन को सामूहिक अवकाश लेकर जिले कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
