रायपुर. राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादह उप समिति दुर्ग के तत्वाधान में महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश स्तरीय महाराणा प्रताप जयंती का कार्यक्रम 29 मई को महाराणा प्रताप, मंगल भवन, शंकर नगर दुर्ग में गरिमामई रूप से संपन्न हुआ।। राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के प्रचार सचिव डा. जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मुख्य अतिथि सुरेंद्र कौशिक जिला दुर्ग अध्यक्ष भाजपा, मा. ललित चंद्राकर विधायक दुर्ग ग्रामीण, माननीय अलका बाघमार महापौर दुर्ग शहर, शेखर चंद्राकर स्थानीय पार्षद, ठाकुर बजरंग सिंह बैस अध्यक्ष राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़, कार्यक्रम की अध्यक्षता उप समिति दुर्ग के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, विशिष्ट अतिथि नरेंद्र सिंह राजपूत वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पंकज सिंह भुवाल उपाध्यक्ष, नीरज सिंह क्षत्रिय कोषाध्यक्ष, अशोक सिंह महासचिव, सत्येंद्र सिंह सहसचिव, घनश्याम सिंह चौहान उप सचिव, अजय सिंह संगठन सचिव, डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर प्रचार सचिव, श्रीमती रश्मि सिंह महिला अध्यक्ष, श्रीमती मधुबाला सिंह महिला सचिव, अनुराग सिंह युवा अध्यक्ष, महेंद्र सिंह युवा सचिव थे। । कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा में माल्यार्पण पूजा पाठ कर मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का तलवार साफा शाल श्रीफल एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया । स्वागत सम्मान के बाद अतिथियों का उद्बोधन हुआ जिसमें सर्वप्रथम दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने महाराणा प्रताप जी के शौर्य पराक्रम स्वाभिमानी एवं अधीनता स्वीकार न करते हुए महलो को छोड़कर पहाड़ों में रहकर अपनी मातृभूमि के लिए लड़ते रहे उद्बोधन दिए इसी प्रकार दुर्ग शहर की महापौर अलका बाघमार ने महाराणा प्रताप जी की जीवनी घास की रोटी खाने तथा उनके भाले एवं कवच के वजन तथा उनके घोड़े चेतक की बहादुरी पर वर्णन करते हुए उनके बताएं मार्ग पर चलकर समाज एवं अपने देश के विकास के लिए अपना योगदान देने उद्बोधन दिए।। केंद्रीय अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप जयंती पर शत-शत नमन करते हुए वीर प्रतापी महाराणा ने अपने राज्य में प्रजा की रक्षा के लिए अपने स्वाभिमान के लिए लड़ते रहे जब पहाड़ों में रह रहे थे तो उनकी मदद के लिए भील आदिवासी एवं भामाशाह ने लड़ने के लिए हथियार बनाकर एवं डेढ़ लाख सेना के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए सहयोग दिए थे जो आज इतिहास बन गया है और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का न्योछावर कर दिया ऐसे प्रतापी महाराजा वीर महाराणा प्रताप जी का नाम जब तक सूरज चांद रहेगा महाराणा जी का नाम रहेगा उद्धबोधन दिए।। राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के केंद्रीय अध्यक्ष बजरंग बैस ने मुख्य अतिथि को दुर्ग शहर के किसी चौक में महासभा प्रताप जी की मूर्ति स्थापित करने चौक का नाम महाराणा प्रताप रखने मांग पत्र दिया जिसमें मुख्य अतिथि एवं महापौर माननीय अलका बाघमार जी ने नगर निगम एम आई सी की बैठक में समाज के लोगों को बुलाकर कि चौक चौराहों को महाराणा प्रताप चौक रखना है उस पर जल्द ही निर्णय लेने की बात कही तथा महाराणा प्रताप मंगल भवन की साज सजा हेतु लगभग 25 लाख की राशि स्वीकृत करने की मांग पत्र दिया गया जिस पर शहर विधायक से बात करके राशि देने आश्वासन दिया। विशाल एवं भव्य शोभायात्रा शाम 5:00 बजे महाराणा प्रताप मंगल भवन से निकली जिसमें प्रमुख आकर्षण सभी राजपूत चूड़ीदार पजामा पोशाक एवं महिलाएं अपनी पोशाक पहनकर कतारबद्ध लाइन से महाराणा प्रताप की जयकार के साथ तलवार चलाते हुए आतिशबाजी करते 10 घोड़े, तीन खुला जीप में महासभा के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ पदाधिकारी सवार होकर धूमाल गड़वा बाजा बैंड बाजा झांकी अखाड़ा शानदार आतिशबाजी राउत नाचा के साथ जगह-जगह प्रवेश द्वार पर शरबत एवं मठा वितरण के साथ दुर्ग शहर भ्रमण करते हुए रात्रि 11:00 बजे वापस महाराणा प्रताप मंगल भवन पहुंची । महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ठाकुर बजरंग बैस ने बहुत ही शानदार बैठक व्यवस्था भोजन व्यवस्था एवं महाराणा प्रताप जयंती की अब तक की भव्य शोभा यात्रा की सराहना करते हुए उप समिति दुर्ग के अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारी युवा मंडल, महिला मंडल का आभार व्यक्त किया है तथा कार्यक्रम को सफल बनाने छत्तीसगढ़ के 37 रूप समिति से आए राजपूत का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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