नई दिल्ली। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सरकार से टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) में किए गए कथित फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच फौरन वापस लेने का शनिवार को अनुरोध किया। एनबीए ने कहा कि जांच जिस गति से रातोंरात सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई, उससे इसके पीछे के इरादे पर संदेह पैदा होता है।
एसोसिएशन ने एक बयान में, कथित टीआरपी फर्जीवाड़ा को लेकर मीडिया के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर गंभीर चिंता प्रकट की है। एनबीए ने कहा, जांच जिस गति से रातोंरात सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई,उससे इसके पीछे के इरादे पर संदेह पैदा होता है। एक ऐसे व्यक्ति ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई, जिसका कोई अधिकार नहीं बनता है और उसका यह कदम मीडिया, इसे विज्ञापन देने वालों और विज्ञापन एजेंसियों को चुनिंदा तरीके से निशाना बना सकता है।
रजत शर्मा की अध्यक्षता वाले एनबीए ने कहा,”हम सरकार से पूरी गंभीरता से वह मामला वापस लेने का अनुरोध करते हैं जो सीबीआई को भेजा गया है। एनबीए का यह बयान टीआरपी में कथित फर्जीवाड़ा को लेकर सीबीआई द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कुछ दिन बाद आया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह मामला शुरूआत में एक विज्ञापन कंपनी के प्रवर्तक की शिकायत पर लखनऊ के एक पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया। एनबीए ने एक बयान में यह भी कहा कि वह मुंबई में हुए घटनाक्रम से बहुत व्यथित है क्योंकि रिपब्लिक टीवी और मुंबई पुलिस के बीच हुई झड़प दो महान संस्थाओं, मीडिया और पुलिस की विश्वसनीयता एवं सम्मान को खतरा पैदा कर रही है।
