रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय आज ट्रैक्टर से विधानसभा पहुँच कर भाजपा के किसान विरोधी चेहरे को बेनकाब करने का संदेश दिया है। विकास उपाध्याय के इस तरीके की जबरदस्त प्रभाव देखने को मिला तो पूरे सत्र के असल उद्देश्य को साबित करने भी वे सफल रहे। भूपेश सरकार द्वारा किसानों के हित से जुड़े संशोधित कानून बनाये जाने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तुत बिल पर विकास ने बड़ा बयान दिया है और उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मोदी सरकार के नियत में ही खोट है। यही वजह है कि वह जनविरोधी कई कानूनों को लागू करने सुनियोजित तरीके से वर्षो से ही इसकी भूमिका तैयार कर ली है। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में किसानों को लेकर लागू किया गया तीन बिल है। विकास उपाध्याय ने कहा, विधानसभा में पारित भूपेश सरकार के नए कृषि कानून को अन्तत: राज्यपाल और राष्ट्रपति को मंजूर करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्य विधानसभा में पारित कानून को राज्यपाल 14 दिनों से ज्यादा लंबित नहीं रख सकता वह स्वीकृति देगा, पुनर्विचार के लिए लौटाएगा या फिर राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित रखेगा। विकास ने आगे कहा, यदि लौटता है तो राज्य विधानमंडल पुन: उसे पारित कर राज्यपाल को सहमति के लिए भेजेगा एवं राज्यपाल तब सहमति देने बाध्य होगा। यदि राष्ट्रपति के पास राज्यपाल द्वारा आरक्षित कर भेजा जाता है तो राष्ट्रपति राज्यपाल को इस आदेश के साथ वापस करता है कि उसे पुन: विधानसभा में रखा जावे। ऐसी स्थिति में बगैर विधानसभा में भेजे राज्यपाल को अनुमति देना ही पड़ेगा। विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने पार्टी हित को ध्यान में रख सत्ता में आते ही संविधान में कई अनावश्यक संशोधन कर पूरे देश की प्रजातंत्र को अपने मुठ्टी में करना शुरू कर दिया। संविधान के 104 वां संशोधन कर असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा के 10 स्वायत परिषद गठित करने की अनुमति दे दी ताकि भाजपा वहाँ सत्ता पर काबिज हो। जीएसटी बिल 3 अगस्त 2016 को पारित होने के बाद इसके संविधान संशोधन में व्यापार, वाणिज्यिक संवर्धन सुविधा शामिल कर किसानों के सरकारी मंडी को केंद्र के दायरे में ले आया एवं कृषि उपादान व्यापार, वाणिज्य विधेयक पिछले साल ही 2019 में पारित करा लिया जिसके चलते पूरे देश का क्या हाल है किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा मोदी सरकार 2016 में संविधान के 121 वां संशोधन कर न्यापालिका को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दे कर खारिज कर दिया। विकास उपाध्याय ने कहा, मोदी सरकार ने जीएसटी में मूल्य आधारित बिक्री संवर्धन शब्द जोड़कर उसका विस्तार के लिए मूल्य आश्वासन पर किसान बंदोबस्त और बिक्री पूर्व सुरक्षा, समझौता और कृषि सेवा बिल 2020 पारित करवा लिया। अर्थात अब व्यापारी किसी किसान से फसल होने के पूर्व ही उससे समझौता करके पैसा ले लेगा।इस तरह इस नए कानून के लागू हो जाने से किसानों को फसल पकने के पहले ही व्यापारी का गुलाम बनवा दिया है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version