अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को दोहराया है कि उन्होंने मई में भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद को सुलझाया था, लेकिन भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यह मामला द्विपक्षीय रूप से हल किया गया। कार्यवाहक अमेरिकी प्रतिनिधि डोरोथी शीया ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ‘अमेरिकी नेतृत्व’ की भूमिका में जिन तनावपूर्ण संघर्षों को कम किया गया, उनमें भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव भी शामिल है। यह तनाव पहलगाम में ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ की ओर से आतंकवादी हमले के बाद पैदा हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप को उस दावे को दोहराया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति अक्सर करते आए हैं।

डोरोथी ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने दोनों पक्षों को इन प्रस्तावों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी हम सराहना और समर्थन करते हैं। दूसरी ओर, भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने दृढ़ता से कहा कि यह पाकिस्तान के भारत से अनुरोध पर ‘सीधे तौर पर संपन्न’ हुआ था।

उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर ने जब अपने प्राथमिक लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया, तो पाकिस्तान के अनुरोध पर सैन्य गतिविधियों को सीधे तौर पर रोक कर दिया गया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक केंद्रित, नपी-तुली और गैर-उत्तेजक कार्रवाई थी। हरीश ने बताया कि यह अभियान सुरक्षा परिषद के उस बयान से प्रेरित था, जिसमें पहलगाम हमले के अपराधियों, योजनाकारों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जिम्मेदार ठहराने की जरूरत पर जोर दिया गया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।

डोरोथी और पी. हरीश, सुरक्षा परिषद में ‘बहुपक्षवाद और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान’ विषय पर खुले विमर्श के दौरान बोल रहे थे, जिसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इसहाक डार ने की। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष रुकवाया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी उनके इस दावे का समर्थन किया है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version