जो कहते हैं मर्द कभी रोता नहीं है, गलत कहते हैं, मर्द आंसूओं से नहीं अंदर से रोता है, लेकिन किसी को पता नहीं चलने देता है. यही पुरुष की फितरत है. अब चाहे कोई कुछ भी सोचे, लेकिन पुरुष का दर्द बस पुरुष ही समझ सकता है, खासकर तब, जब उसकी मोहब्बत उससे बिछड़ जाती है. एक ऐसा ही वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखने के बाद आपको यकीनन अपना पहला प्यार याद आ जाएगा. पहले प्यार की यह इमोशनल कहानी है एक रेहड़ी वाले की, जिसका पहला प्यार अधूरा रह गया. इस वीडियो में एक लड़की इस रेहड़ी वाले के दर्द को कुरेदती है, जिसका एक-एक शब्द दिल को चीर देने वाला है.

अंकल की अधूरी प्रेम कहानी

लड़की ने इन अंकल से पहला सवाल यही पूछ लिया कि वह आखिरी बार कब रोए थे? इसके बाद अंकल ने अपनी अधूरी मोहब्बत का जो पिटारा खोला, आंसू ला दिए. @soulshine के इंस्टाग्राम पर आपको जिंदगी की दूसरी पारी में चल रहे लोगों के प्यार-मोहब्बत-इश्क और बिछड़ने की दर्द भरी कहानी ही देखने को मिलेगी. अब रेहड़ी वाले अंकल की कहानी पर आते हैं, तो अंकल ने बताया कि वह आखिरी बार तब खुलकर रोए थे, जब उनका 8 साल की रिलेशनशिप वाला प्यार उनसे बिछड़ गया था. अंकल अपनी लवर से शादी करना चाहते थे, लेकिन लड़की के घरवाले नहीं माने. हालांकि दोनों अपनी-अपनी लाइफ में मूव ऑन कर चुके हैं, लेकिन आज भी वे दोस्त हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं.

लोगों का पिघल गया दिल 
जब लड़की ने पूछा कि सच्चा प्यार कितनी बार होता है? तो अंकल ने अपने जवाब से दिल जीत लिया. अंकल ने कहा सच्चा प्यार लाइफ में बस एक बार होता है, जिसे जिंदगीभर नहीं भुलाया जा सकता है. इस वीडियो पर 7 करोड़ से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं और 9 मिलियन से ज्यादा लाइक. लोग वीडियो पर क्या कमेंट्स पोस्ट कर रहे हैं आइए पढ़ते हैं. एक ने लिखा है, ‘अंकल जी रुला दिया आपने’. दूसरे ने लिखा है, ‘अंकल आपके शब्द बता रहे हैं कि आपकी मोहब्बत वाकई में सच्ची थी’. तीसरे ने लिखा है, अंकल जी आपकी कहानी ने प्रेरित कर दिया है’. कईयों ने वीडियो के कमेंट बॉक्स में रेड हार्ट इमोजी की लाइन लगा दी है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version