अमलेश्वर। 1 नवंबर को जहां पूरे छत्तीसगढ़ में राज्य उत्सव मनाया गया। वहीं हमारे प्रदेश के लगभग 25 हजार शिक्षाकर्मियों के जीवन में इस वर्ष का राज्य उत्सव शिक्षाकर्मियों के जीवन में सचमुच नई खुशहाली व उमंग लेकर आया है। हालांकि इसके पहले भी हमारे लाखों शिक्षाकर्मी जो कि 8 साल का सेवाकाल पूरा कर लिए थे उन्हें पूर्व सरकार के द्वारा संविलियन शिक्षा विभाग में कर दिया गया था। बावजूद, भले ही कम संख्या में बच्चे रहे इन शिक्षाकर्मियों के मन में पूर्व सरकार के प्रति भारी नाराजगी व असंतोष देखा गया था जिसका परिणाम पूर्व सरकार को सन 2018 के विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा था शिक्षा विभाग में संविलियन होने से इन लोगों को प्रतिमाह नियमित वेतनमान भी मिलता रहेगा। इसके पहले इन लोगों का वेतन भी समय-समय पर नहीं मिल पाने से बहुत से हमारे शिक्षक साथियों को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना होता था वह भी समस्या अब दूर हो जाएगी। साथ ही अब अगले भर्ती से अब शिक्षाकर्मी का नाम बदल कर पूर्व की भाँति सम्मानपूर्वक एक शिक्षक की रह जाएगा। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य डॉट कॉम के इस संवाददाता ने अमलेश्वर हायर सेकेडरी स्कूल में जाकर वहां जो शिक्षक साथी संविलियन हुए थे जिनमे श्रीमती किरण चंद्राकार, श्रीमती रश्मि सिंह, श्रीमती भानु प्रिया दुबे, श्रीमती नेहा शर्मा, शिक्षक राहुल चंद्राकर से बात किए सभी शिक्षकों ने भारी उत्साह व सम्मान पूर्वक एक स्वर में राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया व बोले कि हमारे वर्षों से लंबित माँगे अब पूरा हो चुका है, अब हम पहले से और ज्यादा लगन व उत्साह से बच्चों की पढ़ाई में फोकस करेंगे। साथ ही बताये कि हमारे सभी शिक्षक साथी बच्चो की बेहतर पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लास सभी कक्षाओ के लिये प्रारंभ कर दिये गये हैं।
