बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है, और इन्हीं में से एक है फंगल ईयर इंफेक्शन, जिसे मेडिकल भाषा में ओटोमायकोसिस कहा जाता है. यह कान का एक प्रकार का फंगल संक्रमण है जो आमतौर पर नमी और गंदगी के कारण होता है. इस मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे फंगस तेजी से पनपता है और यह हमारे कानों को प्रभावित कर सकता है. आइए जानते हैं इससे बचने के उपाय.

फंगल ईयर इंफेक्शन के कारण

  • अत्यधिक नमी: लगातार बारिश और आद्र्रता के कारण कान सूख नहीं पाते, जिससे फंगस विकसित हो सकता है.
  • गंदा पानी: बारिश का पानी या गंदा पानी कान में चले जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
  • कॉटन बड्स का अधिक प्रयोग: कान साफ करने के लिए कॉटन बड्स का बार-बार इस्तेमाल करने से स्किन डैमेज हो सकती है और संक्रमण हो सकता है.
  • कम इम्युनिटी: कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इस संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं.

लक्षण

  1. कान में खुजली या जलन
  2. दर्द या असहजता
  3. कान से बदबूदार या सफेद/पीला डिस्चार्ज
  4. सुनने में परेशानी (हल्की बहरेपन जैसी स्थिति)
  5. कान में भारीपन महसूस होना

अगर नजरअंदाज किया जाए तो क्या हो सकता है?

  1. संक्रमण गहराई तक पहुंच सकता है
  2. स्थायी सुनने की क्षमता पर असर
  3. संक्रमण आसपास की त्वचा में फैल सकता है

बचाव के उपाय

  • कान को सूखा रखें – भीगने के बाद तुरंत साफ सूती कपड़े से कान सुखाएं.
  • गंदे पानी से बचें – बारिश में भीगने से या गंदे पानी में खेलने से परहेज करें.
  • स्विमिंग के दौरान सतर्कता – कान में वाटरप्रूफ प्लग लगाएं.
  • कॉटन बड्स का कम इस्तेमाल – अंदर तक सफाई न करें, सिर्फ बाहरी हिस्सा साफ करें.
  • नमी से बचाव – कान में नमी महसूस होने पर एंटीफंगल ड्रॉप्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें.

उपचार 

  1. फंगल ईयर इंफेक्शन का इलाज आमतौर पर एंटीफंगल ईयर ड्रॉप्स और क्रीम से किया जाता है.
  2. कुछ मामलों में डॉक्टर कान की सफाई भी करते हैं.
  3. घरेलू उपाय करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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