ब्यास नदी की तेज धाराओं ने कुल्लू जिले के मनाली में एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को बहा दिया. चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला राष्‍ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया.

नई दिल्‍ली:

हिमाचल प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मॉनसून कहर बरपा रहा है. हालात अब भी कई इलाकों में ऐसे ही हैं और जगह-जगह लैंडस्लाइड भी देखने को मिल रही हैं. मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अभी खतरा अभी बरकरकार है. आईएमडी ने आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है. कुल्लू, मंडी, किन्नौर तक भारी बारिश जारी है. भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, राजमार्गों का संपर्क टूट गया और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मनाली के फोर लेन हाइवे के बह जाने की वजह से भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति है. एक समय पर्यटकों से भरा रहने वाले कूल्लू में इस वक्त तबाही का मंजर है. सड़कें बंद होने से 50 KM लंबी गाड़ियों की कतार लगी है.

हाइवे का हिस्‍सा बहा 

ब्यास नदी की तेज धाराओं ने मंगलवार तड़के कुल्लू जिले के मनाली में एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को बहा दिया. नदी के उफान पर होने से, पानी मनाली के अलू मैदान में घुस गया, जबकि चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला राष्‍ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया. मनाली-लेह राजमार्ग का लगभग 200 मीटर हिस्सा भी उफनती ब्यास नदी के पानी में बह गया, जिससे मार्ग बंद हो गया और पर्यटक फंस गए. मनाली के राइट बैंक रोड पर भी स्थिति गंभीर है, जो कुल्लू शहर को जोड़ता है. राष्ट्रीय राजमार्ग के दो बड़े हिस्से बह गए, जबकि मनाली से बुरुआ जाने वाला मार्ग भी पुराने मनाली के पास बह गया.

12 बार आई फ्लैश फ्लड 

सोमवार शाम से राज्य में 12 बार अचानक बाढ़, दो बड़े भूस्खलन और एक बार बादल फटने की सूचना मिली है. लाहौल और स्पीति जिले में नौ, कुल्लू में दो और कांगड़ा में एक अचानक बाढ़ आई, जबकि चंबा जिले में एक बादल फटने की सूचना मिली. इनमें से किसी भी घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि, कांगड़ा जिले में एक व्यक्ति डूब गया, जबकि किन्नौर में ऊंचाई से गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई. 

घरों में घुस गया पानी 

मनाली के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रमन शर्मा ने कहा, ‘दाएं किनारे से मनाली का संपर्क टूट गया है. सोमवार से अब तक चार दुकानें, दो रेस्टोरेंट और एक घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.’ मंगलवार को लार्गी बांध से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद व्यास नदी का जलस्तर और बढ़ गया. अधिकारियों ने लोगों को नदी के किनारों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. कुल्लू में, घनवी खड्ड का पानी घरों में घुस गया, जबकि मंडी जिले के बालीचौकी इलाके में सोमवार देर रात लगभग 20 दुकानों वाली दो इमारतें ढह गईं. हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था. 

29 फीसदी ज्‍यादा बारिश 

राज्य में अब तक 90 अचानक बाढ़, 42 बादल फटने और 84 बड़े भूस्खलन हुए हैं. एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में राज्य को 2,454 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 25 अगस्त तक 753 मिमी बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 584.2 मिमी होती है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक है. अगस्त में अब तक राज्य में सामान्य से 62 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. 

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