एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन पहुंचे पीएम मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. सीमा पर शांति और स्थिरता का महौल बना हुआ है. हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली है. आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे. कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है. 

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की शाम चीन के तियानजिन पहुंचे हैं. वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल और बदलते गठबंधनों के बीच यह उनकी सात साल बाद चीन की पहली यात्रा है.  पीएम मोदी के इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है. 

  • पीएम मोदी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन पहुंचे थे. 
  • रविवार को पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की. 
  • दोनों देशों ने रिश्तों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई.
  • सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है.
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की गई. 
  • सात साल बाद पीएम मोदी का यह चीन का पहला दौरा है. 
  • वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल के बीच दौरा बेहद अहम माना जा रहा है. 
  • पीएम मोदी ने आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर जोर दिया. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने पर जोर दिया.  उन्होंने कहा कि पिछले साल कज़ान में हुई बैठक के बाद से दोनों देशों के रिश्तों को सकारात्मक दिशा मिली है और सीमा पर तनाव कम होने के बाद अब शांति और स्थिरता का माहौल बना है. 

सीमा प्रबंधन पर समझौता, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर एक अहम समझौता हुआ है. इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू कर दिया गया है. इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली का भी रास्ता साफ हो गया है. 

पीएम मोदी ने कहा, “भारत और चीन के 2.8 अरब लोगों के हित आपसी सहयोग से जुड़े हुए हैं. हमारा साथ मिलकर चलना न सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा. हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 

भारत और चीन का साथ आना जरूरी: शी जिनपिंग 

अपने संबोधन में, शी जिनपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन दुनिया के दो सबसे ज्‍यादा आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ के प्रमुख सदस्य हैं. उन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रवत पड़ोसियों की तरह व्यवहार करने और मिलकर काम करने की जरूरत है. साथ ही उन्‍होंने प्रतीकात्मक तौर पर चीन को ड्रैगन और भारत को हाथी बताया. जिनपिंग ने कहा, ‘प्रधानमंत्री महोदय, आपसे दोबारा मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई. मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन में आपका स्वागत करता हूं. पिछले साल, कजान में हमारी एक सफल मीटिंग हुई थी.’

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