रायपुर। विदित हो कि बेमेतरा के सरदा-लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र के 180 मजदूरों की 15 लाख रुपए से अधिक मजदूरी भुगतान बकाया है। जिसको लेकर मजदूर आज सड़क पर बैठने मजबूर हो गये और लिखित समय सीमा आश्वासन की मांग करने लगे उनके आक्रोश को देखते हुए विभाग लिखित आश्वासन देने मजबूर हुई और सप्ताह भर के भीतर मजदूरी भुगतान की बात स्वीकार की। आपको बता दे पूर्व इस संबंध में फड़ प्रभारी व जिला विपणन अधिकारी से संतोजनक जवाब नहीं मिलने, व लगातार आश्वासन से मजदूरों में खासी नाराजगी थी और उन्होंने बीते 20 दिनों से काम बंद कर दिया है। मजदूरों ने इसकी शिकायत जिला पंचायत सभापति राहुल टिकरिहा से कर, मजदूरी दिलाने की मांग की थी। इसके बाद राहुल टिकरिहा ने बेरला एसडीएम संदीप ठाकुर को मजदूरी भुगतान नही होने के कारण धरना प्रदर्शन व चक्काजाम हेतु पत्र प्रेषित किया था जिसके अनुसार आज उनके नेतृत्व में मजदूर सड़क पर बैठ धरना प्रदर्शन करने लगे और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। मजदूरों ने बताया कि मजदूरी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा लगाकर थक चुके हैं, लेकिन कही से भी राहत नही मिल रही है। अधिकारी राज्य से राशि नही मिलने की बात कहकर गोलमोल जवाब दे रहे हैं। इसीलिए आज हम सभी मुंह पर काली पट्टी बांध कर बैठे है।
मजदूरों ने किया शांति पूर्ण चक्काजाम
मजदूरों ने प्रदर्शन व चक्काजाम को लिखित आश्वासन के बाद शांतिपूर्ण खत्म किया और मार्ग पर आवश्यक सेवा वाहनों को किसी भी प्रकार से बाधित नहीं किया।
पूर्व में जिलाधीश भी दे चुके थे आश्वासन,फिर भी नहीं मिल पाई है मजदूरी
पूर्व में धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कलेक्टर शिव अनंत तायल, जिला खाद्य अधिकारी भूपेंद्र मिश्रा, डीएमओ बीएल चन्द्राकर समेत अन्य अधिकारियो के साथ संग्रहण केंद्र पहुचे थे। यहां प्रभावित मजदूरों से जानकारी जुटाने के बाद, उन्हें सप्ताह भर के भीतर मजदूरी भुगतान का आश्वासन दिया था। किंतु अब तक भुगतान का अता पता नहीं। इसीलिए आज मजदूर लिखित में आश्वासन की मांग को अड़े हुए थे। गौरतलब हो कि फड़ प्रभारी द्वारा मजदूरी पत्रक डीएमओ कार्यालय में भुगतान के लिए जमा कराया जाता है। इसके बाद डिमांड नोट मार्कफेड एमडी कार्यालय को भेजी जाती है। लेकिन इस मामले में डीएमओ बीएल चन्द्राकर की लापरवाही उजागर हुई है। डीएमओ द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए डिमांड नोट राज्य कार्यालय नही भेजा गया, नतीजतन भुगतान बीते 6 महीनों से लंबित है । लापरवाही के लिए कलेक्टर ने डीएमओ को फटकार लगाते हुए, तुरन्त डिमांड नोट राज्य कार्यालय भेजने के निर्देश दिए थे।
त्यौहार में आर्थिक तंगी का सामना कर रहे मजदूर, जिम्मेदार नही ले रहे सुध अब चक्काजाम को मजबूर….
180 मजदूरों में 100 महिलाएं है, जिन पर परिवार की जिम्मेदारी है । मजदूर पिंकी धीवर, खुशी धीवर, देवकी यादव ने बताया कि मजदूरी भुगतान नही होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों में हम कर्जदार हो गए है। जिला पंचायत सभापति राहुल टिकरिहा से शिकायत करने पर अधिकारियों ने सुध ली, अन्यथा कई शिकायतों के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। और आज चक्काजाम के बाद विभाग लिखित आश्वसन देने पर मजबूर हुए।
मुँह में काली पट्टी बांधे बैठे रहे मजदूर
सभी मजदूर विरोध स्वरूप सर पर काली पट्टी न बाँध मुँह पर ही बांध रखी थी, उनका कहना था जिलाधीश से लेकर जिला विपणन अधिकारी व अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाकर हम थक चुके है। अब आर या पार के मूड में थे मजदूर।
लिखित आश्वासन के बाद ही माने मजदूर आंदोलनकारी
मजदूर पूर्व में मीले आश्वासन के बाद आज आये अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि हम अब मौखिक आश्वासन नहीं सुनेंगे। और लिखित आश्वासन की मांग करने लगे। अंतत: मजदूरों के आक्रोश को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित,बेमेतरा विभाग ने विपणन संघ के महाप्रबंधक से स्थिति को चर्चा कर सप्ताह भर के अंदर मजदूरी भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर मजदूर सड़क से हटे।
घंटो तक जारी रहा आंदोलन, सड़क पर बैठे रहे मजदूर
सरदा रायपुर मार्ग पर लंबित मजदूरी की मांग को लेकर चक्काजाम में घंटो बैठे रहे, एक ही मांग था मजदूरी का लिखित आश्वासन नहीं तो सड़क नहीं छोड़ेंगे। लिखित आश्वासन का पत्र आने के बाद ही मजदूरों ने आंदोलन समाप्त किया।
बकाया मजदूरी की मांग, राहुल के नेतृत्व में सरदा-रायपुर मार्ग पर चक्काजाम
Related Posts
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.
