रायपुर। मंत्रालय के अधिकारी, कर्मचारियों ने मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के नए अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत को परिचय पत्र में सुधार करने का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि मांग की है कि राज्य गठन के पश्चात पहली बार राज्य के सचिवालयीन कर्मचारी के लिए जारी किए गए पहचान पत्रोंं में से उसकी आवश्यक जानकारी हटा दी गई है। जिससे अब यह जानना कठिन हो गया है कि वह मंत्रालय का अधिकारी/कर्मचारी है अथवा किसी अन्य कार्यालय का है। संघ को सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग ने विश्वास दिलाया है कि परिचय पत्र शीघ्र ही सुधारे जायेंगे।
संघ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य में अधिसूचित राज्य सचिवालय के कर्मचारियों की पहचान पृथक रखने की व्यवस्था हर राज्य में है। यहं तक की एक से दो वर्ष तक मंत्रालय प्रवेश पत्रों की वैद्यता शेष रहने के बाद भी जारी किये गये पहचान पत्रों में न तो महानदी भवन का उल्लेख नहीं है। न ही उस कर्मचारी की आईडी एवं आपातकालीन स्थिति में उसके किसी परिचित का फोन नंबर है। जबकि सुशासन एवं सुरक्षा की दृष्टि से मंत्रालय के प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी के लिए पूर्व की तरह पहचान पत्र जारी करने की मांग की गई है। मंत्रालय कर्मचारी संघ मामले को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
बगैर सलाह लिए बनाएग गए पहचान पत्र
संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय का मानना है कि विशेषज्ञों की सलाह के बगैर ही जानबूझकर मंत्रालय के अधिकारी कर्मचारियों के अस्तित्व को कम करने के लिए यह कार्य किया गया है। यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि मंत्रालय से केन्द्र सरकार के अनेक मंत्रालयों में यहॉ के अधिकारी कर्मचारियों को दिल्ली तथा देश विभिन्न राज्यों में बैठकों में जाना पड़ता है। जहं सुरक्षा जांच में पूर्व में जारी किये गये परिचय पत्र हमेशा उपयोगी साबित हुए हैं।

