नई दिल्ली: लड़कियों के यौन शोषण मामले में घिरे स्वामी यौन शोषण मामले में घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. आज चैतन्यानंद को दिल्ली पुलिस पटियाला हाउस कोर्ट लेकर पहुंची, जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया. पेशी के बाद कोर्ट की तरफ से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बाबा चैतन्यानंद को 5 दिन की पुलिस रिमांड के बाद कोर्ट में  पेश किया गया. दिल्ली पुलिस ने बताया कि बाबा का आज 12 बजे 2 बार मेडिकल कराया गया. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वो इस मामले में आगे पुलिस रिमांड की मांग नहीं कर रही.

स्वामी चैतन्यानंद के वकील ने क्या कहा

हालांकि आरोपी बाबा के वकील ने ज्यूडिशियल कस्टडी में कपड़े, दवाइयां और संन्यासी खाने की मांग की. इस याचिका पर कोर्ट कल सुनवाई करेगा. स्वामी चैतन्यानंद के एडवोकेट मनीष गांधी ने कहा कि पुलिस ने कोर्ट में पेश करके कहा कि इन्हें अब और कस्टडी नहीं चाहिए और न्यायिक हिरासत में अब भेज दिया है. हमने 3 एप्लिकेशंस की कोर्ट में दी है, जिनमें से एक को मान लिया गया है. जिसमे काउंटर साइन केस डायरी को मंज़ूरी दे दी है. 2 एप्लीकेशन की मांग की है. हमने कोर्ट से रिक्वेस्ट की हैं कि एक अब तक जितनी भी चीज सीज हुई हैं उसकी कॉपी हमें भी मुहैया कराई जाए. हमने मामले में बेसिक चीजों की मांग रखी है. जिस पर कल 12:30 बजे सुनवाई होगी.

बाबा के काले कारनामे

आगरा में रविवार को स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की गिरफ्तारी से इस स्वयंभू बाबा के पीड़ितों और उनके दोस्तों को राहत मिली है. लेकिन इसके साथ यह एहसास भी है कि न्याय की लड़ाई तो अभी केवल शुरू हुई है. पीड़ितों में से एक के एक करीबी दोस्त ने नाम ना छापने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह सफर अभी आधा ही पूरा हुआ है. हम जानते हैं कि न्याय सिर्फ गिरफ्तारी भर नहीं है. यह मामले को उसके अंत तक ले जाने के बारे में है.”वर्ष 2016 में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने वाली पीड़िता से काफी वरिष्ठ उसके इस 33 वर्षीय दोस्त ने याद करते हुए बताया कि कैसे उसने (उसकी दोस्त) सरस्वती पर कार्यालय में छेड़छाड़ और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था. जब उसने विरोध किया, तो उसने कथित तौर पर उसे धमकाया और दबाव डाला, यहां तक कि उसका फोन भी छीन लिया. अपनी सुरक्षा के डर से वह अपने दस्तावेजों के बिना ही छात्रावास से भाग गई, लेकिन सरस्वती के लोगों ने उसे उसके घर से ढूंढ़ निकाला.

बाबा पर यौन शोषण के आरोप

सरस्वती को स्वामी पार्थसारथी के नाम से भी जाना जाता है, उसे रविवार को आगरा में गिरफ्तार कर लिया गया था. वह 24 सितंबर से फरार था, जब उसके खिलाफ सामूहिक यौन उत्पीड़न के आरोप सुर्खियों में आए थे. दिल्ली के एक निजी संस्थान के पूर्व प्रमुख सरस्वती (62 वर्ष) पर कम से कम 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है, जिनमें से अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से हैं. पीड़िता के दोस्त ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अधिकारियों को उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उसे आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई भी इस तरह की हरकतें करने और लड़कियों को इस तरह शिकार बनाने के बारे में सोच भी न सके. तभी दूसरे लोगों को ऐसे अपराध करने से रोका जा सकेगा.”

पीड़ितों को न्याय का इंतजार

पीड़िता के दोस्त ने बताया कि संस्थान में छात्रों को उनके मूल प्रमाणपत्र जमा करने के लिए मजबूर किया जाता था, जो पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद ही लौटाए जाते थे. इस नियम के कारण वे खुद को फंसा हुआ महसूस करते थे और इसका उनके करियर पर विपरीत असर पड़ता था. उन्होंने कहा कि अगर कोई विरोध करने या शिकायत करने की हिम्मत करता, तो उसे चिंता होती कि हो सकता है कि उसके प्रमाणपत्र कभी वापस ही नहीं किए जाएं. उसने कहा, ‘‘उस व्यक्ति ने उन्हें जो शारीरिक और मानसिक चोटें और पीड़ा पहुंचाई, वह स्थायी है और उसकी भरपाई नहीं हो सकती.”उसने कहा, ‘‘लेकिन यह ज़रूर हो सकता है कि उनकी आर्थिक संपत्ति, डिग्रियां, प्रमाणपत्र या ऐसी कोई भी चीज जो उसने (आरोपी) उनसे छीन ली थी, पीड़ितों को जल्द से जल्द वापस कर दी जाएं.”

छात्राओं पर नजर के लिए लगवाए थे गुप्त कैमरे

एफआईआर के अनुसार सरस्वती कथित तौर पर छात्रों को रात में अपने कक्ष में बुलाता था, उन्हें अश्लील संदेश भेजता था और विरोध करने पर उन्हें पढ़ाई में फेल करने की धमकी देता था. जांच में यह भी पता चला कि उसने छात्राओं पर नजर रखने के लिए छात्रावास में, बाहरी बाथरूमों सहित, गुप्त कैमरे लगवाए थे. दोस्त ने कहा, ‘‘मैंने पीड़ितों और अपने दोस्तों से बात की है, और सभी को राहत है कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन वे अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. हम उन्हें दोष नहीं दे सकते क्योंकि अभी तो केवल आधा ही सफर पूरा हुआ है; पूरी कहानी का अभी खत्म होना बाकी है.”आरोप उत्पीड़न से कहीं आगे तक के हैं. सरस्वती पर संस्थान को करोड़ों रुपये का चूना लगाने, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बैंक खाते से लगभग 55 लाख रुपये निकालने और यहां तक कि एक अलग नाम से जाली पासपोर्ट हासिल करने का आरोप है. पुलिस ने तब से लगभग आठ करोड़ रुपये से जुड़े बैंक खाते और जमा राशि ‘फ्रीज’ कर दी है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version