अधिकारियों को चेताया योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखने चाहिए,

रायपुर।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। सीएम विष्णुदेव साय ने इस दौरान का सख्त अंदाज देखने को मिला। कलेक्टरों से साथ चर्चा में उन्होंने साफ किया कि सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तैयार किए जाए। उन्होंने बैठक में सख्ती दिखाते हुए कहा, शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।
धान खरीदी को लेकर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा, धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग हो। प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा, खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। जिलों में इससे निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
कोई पात्र वंचित नहीं हो
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा संभाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

कोरबा बना सूर्य घर मॉडल जिला

मुख्यमंत्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचे।प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले कोरबा जिले की सराहना हुई। कलेक्टर ने बताया कि जिले के बैगा और कोरवा जनजाति बहुल क्षेत्रों में डीएमएफ फंड से योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, कोरबा का यह नवाचार अन्य जिलों के लिए रोल मॉडल साबित हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए। ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।
बीजापुर जिले की तारीफ
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को मलेरिया-मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहां स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।
31 दिसंबर तक सभी स्कूली छात्रों का बनाएं अपार आईडी
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। उन्होंने 31 दिसंबर तक सभी स्कूली विद्यार्थियों के अपार आईडी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग समन्वय कर बालवाड़ियों को सक्रिय करें, बच्चों के लिए दी गई शिक्षण सामग्रियों को अलमारियों में बंद ना रह जाए, उनका समुचित उपयोग बच्चों को पढ़ाने में हो।

अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में फैल रही अव्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, जनता इलाज के लिए अस्पतालों में आती है, परेशानी झेलने के लिए नहीं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि वे अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें और चिकित्सा सेवाओं को व्यवस्थित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना सरकार की प्राथमिकता है, हर प्रसव अस्पताल में हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने टीकाकरण सत्रों की पारदर्शिता, एनआरसी केंद्रों के सतत संचालन और मैटरनल डेथ ऑडिट को हर मामले में अनिवार्य बताया।

सुपोषण योजना में तीन जिलों को मिली सराहना
कांफ्रेंस के दौरान सुपोषण योजना पर दुर्ग के कलेक्टर अभिजीत सिंह, राजनांदगांव जिला पंचायत की सीईओ सुरुचि सिंह और मोहला-मानपुर की कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने प्रेजेंटेशन दिया। इन जिलों की पहल की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए कहा, सुपोषण अभियान केवल आंकड़ों की योजना नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं के भविष्य से जुड़ी जिम्मेदारी है। राजनांदगांव जिले को सुपोषण कार्यों में सर्वश्रेष्ठ, जबकि मोहला-मानपुर को नीति आयोग द्वारा पुरस्कृत होने पर बधाई दी गई। बीजापुर जिले में मलेरिया उन्मूलन के कार्य को भी सराहा गया।
स्व-सहायता समूहों की पहल की तारीफ
मुख्यमंत्री ने रेडी टू ईट योजना को लेकर कहा, जहां स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदारी दी गई है, वहां परिणाम बेहतर दिखे हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा और रायगढ़ जिलों के कलेक्टरों की सराहना की, वहीं अन्य जिलों को तेजी से इस मॉडल को अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बच्चों के पोषण में भी अहम भूमिका निभा रही है।
पीएम जनमन योजना के क्रियान्वयन में मनेंद्रगढ़ को प्रसंशा
सभी कलेक्टर्स पाँच विशेष पिछड़ी जनजातियों के ग्राम विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने के काम तेज़ी से पूरे करें। सभी 11 विभाग स्वीकृत कार्यो को पूर्ण करे, गुणवत्ता से कोई समझौता ना करें। राज्य में विशेष पिछड़ी पाँच जनजातियों की अधिक बसाहटों में हो रहे विकास कार्य से दो लाख 12 हज़ार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजातियों को फ़ायदा हो रहा। मनेंद्रगढ़ और धमतरी को इस योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर मिली प्रशंसा, अन्य जिलों को भी अनुसरण करने की सलाह भी मुख्यमंत्री ने दी।

नगरीय निकायों के वार्डाें का करें निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकाय विभाग की समीक्षा में कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि सुबह 7 बजे के पहले नगरीय निकायों के वार्डों में जाकर निरीक्षण करें। नगर निगम और नगर पालिका के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करें। प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के शेष सभी मकानों को 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माण एजेंसियों को सक्रिय करने और हितग्राहियों को प्रोत्साहित कर समय सीमा में ऐसे सभी मकानों को पूरा करने के निर्देश दिए। जो पीएम आवास पूरे हो चुके है उन्हें अगले दो माह में हितग्राहियों को आधिपत्य देने की करवाई करें।

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