भारत में रूस के सहयोग से अब दो इंजन वाले नैरो-बाडी एसजे-100 यात्री विमानों का निर्माण किया जाएगा जिनका उपयोग कम दूरी (शार्ट हाल) या घरेलू उड़ानों के लिए किया जाएगा। इसके लिए सरकारी एयरोस्मेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने रूस की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन (यूएसी) के साथ समझौता किया हैं। इस पर सोमवार को मास्को में हस्ताक्षर किए गए।
यह भारत में यात्री विमान बनाने की पहली ऐसी परियोजना होगी। इस संयुक्त उपक्रम को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भारत यात्रा से एक माह से अधिक पहले अंतिम रूप दिया गया है। वर्तमान में 200 से अधिक एसजे-100 विमानों का निर्माण हो चुका है और 16 से अधिक कमर्शियल एयरलाइनें इनका संचालन कर रही हैं। इस समझौते को अंतिम रूप देने में दोनों देशों को लगभग एक दशक लग गया है। एचएएल की यूएसी के साथ लंबे समस से साझेदारी है, जिसमें भारतीय वायुसेना के लिए सुखोई-30एपकेआइ युद्धक विमान का निर्माण भी शामिल है।

