सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे। जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने, बिहार के चुनावी मतदाता सूची संशोधन और पेगासस स्पाइवेयर मामले पर कई ऐतिहासिक फैसलों और आदेशों में भाग ले चुके जस्टिस सूर्यकांत अब चीफ जस्टिस बीआर गवई का स्थान लेंगे जो रविवार शाम को सेवानिवृत हो गए।
जस्टिस सूर्यकांत को 30 अक्टूबर को अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में नामित किया गया था और वे लगभग 15 महीनों तक इस पद पर रहेंगे। जस्टिस सूर्यकांत हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा विधानसभा में पारित विधेयकों से संबंधित राज्यपाल और राष्ट्रपति के अधिकारों पर की गई संदर्भ याचिका का हिस्सा रहे हैं। राजद्रोह कानून को निलंबित रखने वाली पीठ का हिस्सा रहे जस्टिस सूर्यकांत ने निर्देश दिया था कि इस पर कोइ नई एफआइआर दर्ज नहीं की जाए जब तक कि सरकार इसकी समीक्षा न करे। जस्टिस कांत ने बिहार में 65 लाख मतदाताओं को बाहर करने के आयोग के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई करनते हुए आयोग को इन मतदाताओं के विवरण को अजागर करने को प्रोरित किया।

