सांइस कालेज मैदान के सामने से ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट की गई चौपाटी की 60 दुकानें नहीं खुल पाई हैं। नए स्थल पर बिजली-पानी की व्यवस्था की जा रही है। बैठने की जगहों का रंगरोगन और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। रात तक नई चौपाटी खुलने की बाट जोह रहे फूडीज ओवरब्रिज के नीचेे चक्कर काट रहे हैं। इधर, पुरानी चौपाटी स्थल पर नगर निगम की ओर से नालंदा परिसर के निर्माण का बोर्ड लगाया गया है। देर रात तक जगमग रहने वाली चौपाटी अंधकार से घिरी हुई है। वहीं, दूसरी ओर नई चौपाटी की जगह के आसपास आटो, कार रिपेयरिंग की दुकानों का संचालन कर रहे लोग अब वहां से हटाए जाने की चिंता में हैं। इधर, चौपाटी विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी जारी हैं।
मेन रोड से सर्विस रोड पर स्थानांतरित:- साइंस कालेज मैदान के सामने चौपाटी मुख्य रोड के किनारे थी। आसपास शैक्षणिक प्रतिस्ठान थे। छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में चौपाटी के रेगुलर थे। अब चौपाटी ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड पर स्थानांतरित कर दी गई है। जहां धूल, कबाड़ का डेरा है। नए स्थल के आगे चारों ओर घना अंधेरा रहता है। अभि निगम ने चौपाटी स्थल में तो प्रकाश व्यवस्था की है लेकिन टाटीबंध की ओर से आने वाली सड़क अभी पूरी तरह अंधकार में डूबी हुई है।
रात को नई चौपाटी पहुंचे युवाओं को निराशा हाथ लगी। रूंगटा कालेज के छात्रों के समूह ने बताया कि यहां आना खतरे से खाली नहीं है। पहले की चौपाटी के सामने थाना था, असमाजिक गतिविधियों का खतरा कम था। यहां अंधकार में कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है।
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