यूपी के अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा अलियारपुर गांव में सोमवार को खून से रिश्ते शर्मसार हो गए, जब जमीन के हिस्से को लेकर भाई-बहन के विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। पिता के निधन के बाद जमीन में बराबरी का हिस्सा मांग रही 32 वर्षीय अविवाहित नर्स संयोगता की उसके भाई श्योराज ने घर के भीतर ही धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी अपनी पत्नी और बच्चों सहित फरार हो गया, जबकि मां हुकुम देवी की बेटी का शव देखकर चीख निकल गई। गांव में कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोग जमा हो गए।

भगवान दास सिंचाई विभाग में चपरासी थे। बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी थी और वे ससुराल में रहती हैं। संयोगता पिछले पांच वर्षों से मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में नर्स थी और वहीं एक युवक के साथ लिव-इन में रहती थी। पिता की 16 अक्टूबर को मौत के बाद वह गांव लौट आई और जमीन में हिस्सेदारी की मांग करने लगी, जिसे लेकर भाई-बहन के बीच लगातार विवाद बढ़ता गया।

पुलिस के मुताबिक सोमवार लगभग 11 बजे घर में सिर्फ संयोगता, श्योराज और उनकी मां मौजूद थे। श्योराज की पत्नी और बच्चे खेत पर गए हुए थे। इसी दौरान जमीन को लेकर दोनों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हुई। जैसे ही मां हुकुम देवी नहाने के लिए बाथरूम गईं, आरोपी श्योराज ने मौका देखकर अपनी बहन संयोगता के सिर पर जानलेवा वार कर दिया। चारपाई पर बैठी संयोगता के सिर पर हुए घातक प्रहार से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मां जब वापस कमरे में आईं तो खून से लथपथ बेटी को देख दहाड़ें मारने लगीं।

घटना की सूचना मिलते ही देहात थानाध्यक्ष सनोज प्रताप सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीओ सिटी अभिषेक यादव और डिडौली कोतवाली इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह भी मौके पर पहुंचे। आरोपी की पत्नी और बच्चे भी घर से लापता मिले, जिससे पुलिस का अनुमान है कि आरोपी पहले से भागने की तैयारी में था।

मृतका की मां हुकुम देवी ने अपने बेटे श्योराज के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी है। एसपी अमित कुमार आनंद ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर तीन टीमें सक्रिय हैं और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version