प्रदेश के उत्तरी अंचलों में तीव्र शीत लहर चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान सामान्य से छह से आठ डिग्री तक नीचे लुढ़क सकता है। इससे रात और सुबह के समय सर्दी अपने चरम पर रहेगी, वहीं खेत-खलिहानों से लेकर शहरों तक आम जनजीवन पर इसका स्पष्ट असर देखने को मिलेगा। गौरेला-पेंड्रा-मारवाही, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में तेज शीतल हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और धमतरी में भी न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने की भी प्रबल संभावना है, जिससे फसलों पर प्रतिकुल असर पड़ सकता है।
पछुआ हवाओं का असर:- मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी भारत में सक्रिय ठंडी पछुआ हवाओं ेके कारण प्रदेश में ठंड का दौर अचानक तेज हो गया है। दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा में ठिठुरन बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा-हद्य रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। घर से बाहर और मफलर पहनने और सुबह की सैर से परहेज करने की हिदायत दी गई है।

