कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एम्बेडेड सिस्टम और बुद्धिमान प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और नैतिक तकनीकी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी – एनआईटी) रायपुर में 13वें अंतरराष्ट्रीय आईईईई सम्मेलन “इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड एम्बेडेड डिज़ाइन (इंटरनेशनल सिंपोज़ियम ऑन एम्बेडेड डिज़ाइन – आईएसईडी–2025)” का शुभारंभ किया गया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 17 से 19 दिसंबर 2025 तक एनआईटी रायपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी रही। सम्मेलन को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ), भारतीय वैश्विक परिषद (इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स) तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च – भारत) का वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ है।

मुख्य अतिथि के रूप में एनआईएसटी विश्वविद्यालय, बेरहामपुर (ओडिशा) के कुलपति प्रोफेसर प्रियदर्शन पात्रा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड के प्रोफेसर पार्थ रोप तथा विशेष अतिथि के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रोफेसर टी. वी. विजय कुमार और यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के प्रोफेसर सिबा के. उद्गाता ने अपने विचार रखे। भारतीय वैश्विक परिषद की प्रतिनिधि सुश्री अनुभा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक के रूप में एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रोफेसर एन. वी. रमना राव, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया, सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह, आयोजन समन्वयक डॉ. मनु वर्धन, डॉ. जितेंद्र के. राउत और डॉ. दीपक सिंह सहित संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

औपचारिक उद्घाटन के पश्चात आयोजन समन्वयक डॉ. मनु वर्धन ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह मंच शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता के अनुसंधान कार्य साझा करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है। सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने सम्मेलन की थीम “जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइसेज़” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
अपने संबोधन में विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया ने कहा कि सम्मेलन को बड़ी संख्या में उत्कृष्ट शोध पत्र प्राप्त हुए हैं, जो इसकी अकादमिक गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने इसे शोध, सीखने और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रोफेसर एन. वी. रमना राव ने कहा कि सम्मेलन की थीम स्वायत्त वाहन, एम्बेडेड सिस्टम डिज़ाइन, मशीन लर्निंग, स्वास्थ्य सेवाओं और स्मार्ट सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यापक उपयोगिता रखती है। सुश्री अनुभा गुप्ता ने भारत की तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है।
प्रोफेसर सिबा के. उद्गाता ने कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रामाणिक डेटा की उपलब्धता और भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोफेसर टी. वी. विजय कुमार ने कहा कि मशीनें मानव का स्थान नहीं ले सकतीं, बल्कि मानव और मशीन परस्पर पूरक हैं और तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य है।
प्रोफेसर पार्थ रोप ने ज्ञान प्राप्ति के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है, लेकिन ध्यान अवधि एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रियदर्शन पात्रा ने कहा कि यह सम्मेलन टियर-2 शहरों में अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और सॉफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर अनुसंधान पर भी समान ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात डॉ. जितेंद्र के. राउत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। तीन दिनों तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ज्ञान, नवाचार और नैतिक तकनीकी विकास के संदेश के साथ आयोजित किया जा रहा है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version