छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान बनकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी को जशपुर पुलिस ने बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कलेक्ट्रेट परिसर में वर्दी पहनकर घूमते हुए दो महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और मत्स्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली जशपुर में प्रार्थिया सीमा बाई (39 वर्ष), निवासी झरगांव चौकी सोनक्यारी ने 8 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 28 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट परिसर जशपुर में उसकी मुलाकात पुलिस की वर्दी पहने एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम पुन्नी लाल अनंत बताया। उसने खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताते हुए कलेक्ट्रेट में ऊंची पहुंच का दावा किया और मत्स्य विभाग में नौकरी लगवाने की बात कही।
आरोपी के झांसे में आकर प्रार्थिया ने दो लाख रुपए उसे दे दिए। आरोपी ने शेष रकम मिलने पर ज्वाइनिंग लेटर देने की बात कही थी। इतना ही नहीं, प्रार्थिया की भतीजी को डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर उसके शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिए और तीन लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। बाद में प्रार्थिया को पता चला कि आरोपी कोई पुलिसकर्मी नहीं है और उसने फर्जी वर्दी पहनकर ठगी की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(2) एवं 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। घटना के बाद से फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने बिलासपुर जिले के थाना कोटा अंतर्गत ग्राम टाडा दर्रीकापा में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी पुन्नी लाल अनंत (27 वर्ष), निवासी ग्राम टाडा दर्रीकापा, जिला बिलासपुर ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह जशपुर में किराए के मकान में रहकर खुद को सशस्त्र बल का जवान बताता था और वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।

