रायपुरछत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शव के दफनाने को लेकर हुई हिंसा के बाद सरकार ने एसपी को हटा दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को तीन सीनियर आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। जिसमें दो जिलों के एसपी को भी बदला गया है।

22 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के तहत तीन आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कांकेर जिले के एसपी को हटा दिया गया है। कांकेर हिंसा के बाद वर्ष 2011 बैच के आईपीएस इंदिरा कल्याण ऐलेसेला को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उत्तरी रेंज, सरगुजा की जिम्मेदारी दी गई है।

किन जिलों के एसपी बदले

आदेश के अनुसार वर्ष 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी निखिल अशोक कुमार रखेचा को कांकेर जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले गरियाबंद में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ थे। वहीं, वेदव्रत सिरमौर को गरियाबंद जिले की कमान सौंपी गई है। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, रायपुर में महाप्रबंधक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर थे। गृह विभाग ने उनकी सेवाएं पर्यटन विभाग से वापस लेते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद के पद पर पदस्थ किया है।

कांकेर में हुई थी हिंसा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले स्थित आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा में धर्मांतरण को लेकर बवाल हो गया था। यहां धर्मांतरित व्यक्ति के शव के गांव में दफन को लेकर विवाद भड़का हुआ था। दो पक्षों में मारपीट के बाद इलाके में अशांति फैल गई थी। पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई थी। एक ओर आदिवासी समाज के लोग रास्तों को रोककर बाहरी व्यक्तियों को आने-जाने नहीं दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर आमाबेड़ा और बड़े तेवड़ा गांव में आक्रोशित लोग लाठी-डंडों से लैस होकर शव को बाहर निकालने की मांग पर अड़े हुए थे। प्रशासन के शव निकालने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। गुस्साई भीड़ ने सबसे पहले बड़े तेवड़ा गांव में बनाए गए चर्च को आग के हवाले कर दिया था, जिसके बाद आमाबेड़ा में स्थित दो चर्चों में तोड़फोड़ की गई थी।

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