भारत की अर्थव्यवस्था अब दुनिया में चौथी सबसे बड़ी बन गई है और जापान को पीछे छोड़ चुकी है. अब सवाल यह है कि जर्मनी की अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी है और भारत को उसे पीछे छोड़ने में कितना समय लगेगा. आईएमएफ और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी की जीडीपी अभी करीब 5.33 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है जो उसे तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाती है. वहीं भारत की जीडीपी 4.51 ट्रिलियन डॉलर है. वहीं, अमेरिका सबसे ऊपर है जिसकी जीडीपी 31.82 ट्रिलियन डॉलर है और चीन दूसरे नंबर पर 20.65 ट्रिलियन डॉलर के साथ लिस्ट में मौजूद है.
जापान अब पांचवें स्थान पर है जिसकी जीडीपी लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है और भारत ने जापान को हाल ही में पीछे छोड़ा है. अब भारत का अगला लक्ष्य जर्मनी को पछाड़ने का है. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत 2027 या 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है. ईवाई रिपोर्ट के अनुसार यह 2027 में ही हो सकता है जब भारत की जीडीपी 7 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच जाएगी.
जर्मनी की ग्रोथ धीमी
इसके अलावा एसएंडपी ग्लोबल और आईएमएफ की प्रोजेक्शन से पता चलता है कि भारत की ग्रोथ रेट 8 प्रतिशत से ज्यादा है जो दुनिया में सबसे तेज है. वहीं, जर्मनी की ग्रोथ धीमी है लगभग 1 से 2 प्रतिशत. इसी वजह से भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. अगर हम प्रति व्यक्ति आय की तुलना करें तो यहां भारत अभी पीछे है. 2026 में भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 2934 डॉलर है जो भारतीय रुपए में लगभग 2.5 लाख रुपए बनती है. वहीं, जर्मनी में यह 56000 डॉलर से ज्यादा है जो भारत से 20 गुना ज्यादा है. जापान में भी यह 33955 डॉलर है. इसका मतलब है कि भारत की कुल जीडीपी बड़ी हो रही है लेकिन आम आदमी की कमाई अभी विकसित देशों जितनी नहीं पहुंची है. वजह है भारत की बड़ी आबादी जो 140 करोड़ से ज्यादा है जबकि जर्मनी की आबादी सिर्फ 8 करोड़ के आसपास है. फिर भी भारत की युवा आबादी डिजिटल क्रांति और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश से आगे बढ़ रही है. सरकारी योजनाएं जैसे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत ने इसमें मदद की है. वहीं, पाकिस्तान की बात करें तो वह टॉप 10 में कहीं नहीं है. उसकी जीडीपी सिर्फ 410 बिलियन डॉलर है और रैंकिंग में 43वें स्थान पर है.
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर लोगों को होगा फायदा
पाकिस्तान की ग्रोथ रेट 2 से 3 प्रतिशत है और वह कर्ज के बोझ तले दबा है. अगर भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाता है तो क्या फायदे होंगे. रोजगार बढ़ेंगे वेतन ऊंचे होंगे महंगाई काबू में रहेगी. रुपए की कीमत मजबूत होने से ईंधन सस्ता होगा और बैंक लोन आसान मिलेंगे. स्टार्टअप और यूनिकॉर्न कंपनियां बढ़ेंगी. लेकिन चुनौतियां भी हैं जैसे बेरोजगारी जलवायु परिवर्तन और महंगाई. आईएमएफ वर्ल्ड बैंक और पीडब्ल्यूसी जैसी एजेंसियां कहती हैं कि भारत 2050 तक चीन को पीछे छोड़ दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. अभी 2026 में भारत की रफ्तार अच्छी है और अगर यह जारी रही तो जर्मनी को पीछे छोड़ना मुश्किल नहीं. कुल मिलाकर भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और दुनिया में उसका कद बढ़ रहा है.

