नई दिल्ली. बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के कोलकाता नाइटराइडर्स और आईपीएल 2026 से हटाने की मांगों के बीच BCCI ने बड़ा फैसला लिया है. BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया है कि बोर्ड ने शाहरुख खान की स्वामित्व वाली आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश दे दिए हैं. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बाद भारत में कई संगठनों ने मुस्तफिजुर को आगामी आईपीएल सीजन में न खेलने और केकेआर टीम से बाहर करने की मांग की थी.
BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने एक बयान में कहा, ‘हाल में जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए BCCI ने फ्रेंचाइजी KKR को बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है और यह भी कहा है कि अगर वे किसी रिप्लेसमेंट की मांग करते हैं, तो BCCI उस रिप्लेसमेंट की इजाजत देगा.
KKR के लिए झटका
BCCI का यह फैसला कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए बड़ा झटका है. मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने 9.20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम देकर खरीदा था. 16 दिसंबर 2025 को हुए मिनी ऑक्शन में केकेआर ने बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को खरीदा था. उनका बेस प्राइस दो करोड़ रुपए था. चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के साथ बिडिंग के बाद केकेआर इस 30 साल के गेंदबाज को अपनी टीम से जोड़ने में सफल रहा था. टीम ने उन्हें मैच विनर के रूप में देखते हुए इतना मोटा पैसा दिया था. हालांकि, आगामी सीजन में अब टीम उनकी सेवाएं नहीं ले पाएगी. मुस्तफिजुर अनुभवी गेंदबाज हैं. खासकर उनकी डेथ-ओवर में कमाल की गेंदबाजी केकेआर के लिए कारगर साबित हो सकती थी. बांग्लादेश का यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज पहले भी IPL में कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुका है और अपने वेरिएशन और दबाव वाली स्थितियों में असरदार प्रदर्शन से प्रभावित किया है. मुस्तफिजुर रहमान 2016 से आईपीएल खेल रहे हैं. वह सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स, और सीएसके का हिस्सा रहै हैं. 60 आईपीएल मैचों में वह 65 विकेट ले चुके हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बांग्लादेश में हाल ही में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी गई, जिसने भारतीय लोगों मं आक्रोश पैदा कर दिया. बांग्लादेश में हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसका भारत में खूब विरोध हुआ. सोशल मीडिया पर बांग्लादेश से जो फोटोज वीडियो आए, उसने भारतीय लोगों को आगबबूला कर दिया. इसी को लेकर तमाम संगठनों ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के आईपीएल 2026 से बाहर करने की मांग कर दी. उनका कहना है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला हो रहा है, ऐसे में उनके खिलाड़ी भारत में आकर कैसे खेल सकते हैं. देवकीनंदन ठाकुर ने भी इसका विरोध किया.

