जम्मू: आईपीएस अफसर मुकेश सिंह को लद्दाख का नया डीजीपी बनाया गया है। इन दिनों वह आईटीबीपी में तैनात थे। वह आईटीबीपी के मुख्यालय दिल्ली में बैठते थे। शुक्रवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी और मौजूदा लद्दाख पुलिस चीफ एसडी सिंह सिंह जमवाल का तबादला कर उन्हें अरुणाचल प्रदेश का पुलिस महानिदेशक बनाया है। जबकि 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह को लद्दाख का पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही इस पोस्ट पर चार्ज लेंगे।
जम्मू कश्मीर पुलिस में विभिन्न पदों पर कार्य किया
जानकारी के अनुसार, मुकेश सिंह ने जम्मू कश्मीर पुलिस में विभिन्न पदों पर कार्य किया और उसके बाद भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। जम्मू कश्मीर में तैनात रहते हुए उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ खूब काम किया है। जम्मू जोन में तैनात रहते हुए कई आतंकियों को मार गिराया गया था। कई सफल आपॅरेशन किए गए थे। इसके अलावा पुलिस जनता के रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए गए थे। जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान सिंह को पुलवामा में एसपी के तौर पर तैनात किया गया था। उन्हें भारतीय सेना को आतंकवाद विरोधी अभियानों में मदद करने के लिए पहचान मिली। उन्होंने एनआईए में तैनात रहते हुए कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अलगाववादियों को मिलने वाले विदेशी फंड को रोका।
फिट इंडिया चैलेंज में हिस्सा लिया
2018 में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया चैलेंज में हिस्सा लिया और अपने साथियों को भी इस फिटनेस पहल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। जम्मू जोन के आईजी के तौर पर उन्होंने उस ऑपरेशन को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके परिणामस्वरूप कुख्यात आतंकवादी ताहिर अहमद भट्ट को खत्म किया गया। ताहिर के मारे जाने के बाद 1980 के दशक के बाद पहली बार कश्मीर के शोपियां और किश्तवाड़ को आतंकवाद से मुक्त घोषित किया गया। मुकेश सिंह जो फिटनेस के बहुत शौकीन हैं ने एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन जैसे कई मैराथन में हिस्सा लिया है। 2022 में मुकेश सिंह ने एक कार्यक्रम शुरू किया जिसमें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में छात्रों को विभिन्न विषयों में पढ़ाने का काम सौंपा गया। सिंह ने व्यक्तिगत रूप से एक स्कूल में गणित पढ़ाया। सिंह ने कर्स ऑफ द पीर 2023 और पुलिस ऑपरेशंस 2015 जैसी किताबें लिखी हैं।
कहां-कहां रहे है तैनात
- सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस रियासी
- सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पुलवामा
- इंडियन रिजर्व पुलिस की 7वीं बटालियन के कमांडेंट
- एसपी सिटी साउथ श्रीनगर
- एसएसपी पुंछ
- नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन इंडिया के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर
- सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जम्मू
- आम्र्ड पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस
- पुलिस हेडक्वार्टर में आईजी पर्सनल
- एनआईए में लंबे समय तक रहे
- आईजी क्राइम
- जम्मू जोन के आईजी 14 अगस्त 2019
- एडीजीपी जम्मू जोन तैनात रहे
- इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल
- इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस के एडीजीपी
मिल चुके हैं ये मेडल
- डीजीपी का कमेंडेशन मेडल 1999
- शेर.ए.कश्मीर पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री 2002
- पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री 2003
- आर्मी कमांडर कमेंडेशन मेडल 2005
- पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री 2005
- पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री दूसरी बार 2005
- पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सेवाएं 2012

