सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने सामाजिक उत्तरदायित्व की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टीबी रोग उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। ‘निक्षय पोषण मित्र अभियान’ के अंतर्गत संयंत्र द्वारा टीबी रोगियों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए खाद्य सहायता प्रदान की गई। इसी कड़ी में, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) इकाई, एम्स रायपुर और भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त तत्वावधान में हाल ही में एम्स रायपुर के सभागार में एक विशेष ‘फूड बास्केट’ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संयंत्र ने अपनी निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद से इस पुनीत कार्य के लिए 5 लाख रुपये का वित्तीय योगदान दिया है। इस राशि का उपयोग वर्तमान में उपचार करा रहे टीबी रोगियों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी के सफल इलाज में दवाओं के साथ-साथ बेहतर खान-पान की भूमिका बेहद अहम होती है। यह पहल न केवल कुपोषण की चुनौती से निपटने में सहायक होगी, बल्कि रोगियों के जल्द स्वस्थ होने की संभावनाओं को भी बढ़ाएगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रवर्ती ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति संयंत्र की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सामुदायिक कल्याण सेल की कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है और समाज के वंचित वर्गों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए ऐसी साझेदारियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। इस दौरान उन्होंने रोगियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए संयंत्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
समारोह में बीएसपी के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के श्वसन रोग विभाग के प्रतिनिधि और एनटीईपी कोर कमेटी के नोडल अधिकारी डॉ. अतुल सी. अंजन ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर टीबी रोगियों को फूड बास्केट वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में एम्स रायपुर और एनटीईपी के आयोजकों ने टीबी उन्मूलन में ‘निक्षय मित्र’ के रूप में अमूल्य योगदान देने के लिए सेल और भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।